
राष्ट्रीय लोक मोर्चा दल के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश को भाजपा कोटे से एमएलसी बनाया है। राज्यपाल ने दीपक को एमएलसी पद के लिए नियुक्त किया है।
इस मामले को लेकर उपेंद्र कुशवाहा काफी दिन तक चुप रहे, बेटे को एमएलसी बनाए जाने के बाद उन्होंने खुलकर बात की है। उन्होंने कहा- यह एनडीए का लंबे समय से पेंडिंग फैसला था जिसे अब लागू किया गया है।
कुशवाहा ने कहा- भाजपा और हमारे नेताओं के बीच बातचीत से इन मामलों पर पहले ही सहमति बन गई थी, यह तय हुआ था कि दीपक सदन में जाएंगे। हम इस फैसले को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार व्यक्त करते हैं।
बिहार विधान परिषद का सदस्य मनोनीत होने पर मंत्री दीपक प्रकाश ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- हम एनडीए गठबंधन के सभी लोगों का आभार व्यक्त करना चाहते हैं। हमें आज जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे हम पूरी निष्ठा के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
वहीं, विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों और नैतिकता के आधार पर उनके इस्तीफे की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपक प्रकाश ने कहा कि अब उन सभी बातों का कोई औचित्य नहीं रह गया है। अब सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और जो भी बातें पहले कही जा रही थीं, वे अब अप्रासंगिक हो गई हैं।
जब उनसे पूछा गया कि यह मामला अदालत तक पहुंचा था और न्यायालय ने सरकार से जवाब भी मांगा था, तो उन्होंने कहा कि मामला जरूर था, लेकिन अब वह इतिहास की बात हो चुकी है। अब उन मुद्दों का कोई औचित्य नहीं बचा है और वह पूरी तरह अपने दायित्वों के निर्वहन पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
मंत्री पद पर आगे भी बने रहने को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपक प्रकाश ने स्पष्ट कहा कि वह पूरी मजबूती के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति उनकी जो जवाबदेही है, उसे पहले से अधिक मजबूती और पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाना ही उनकी प्राथमिकता रहेगी।