देशभर के कई राज्यों में चल रहे बिजली संकट ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। इस बीच खबर आ रही है कि अब बिजली के दामों में बढ़ोतरी आम आदमी को बड़ा झटका दे सकती है। दरअसल सरकार बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। इसके लिए उत्तराखंड सरकार अहम कारण भी बताया है।
देश के कई राज्य इन दिनों बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली कट ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। इस बीच एक और बड़ी खबर सामने आ रही है दरअसल उत्तराखंड में ऊर्जा निगम एक बार फिर बिजली के रेट में इजाफा करने की तैयारी कर रहा है। यानी बिजली संकट के बीच आम जनता की जेब पर एक और बोझ बढ़ने वाला है। हालंकि अभी ऊर्जा निगम ने बिजली दी दरों में इजाफा करने की पैरवी की है, लेकिन सरकार की मंजूरी मिलते ही दामों में बढ़ोतरी कर दी जाएगी। बढ़ोतरी को लेकर ऊर्जा निगम की ओर से अहम वजह भी बताई गई है।
उत्तराखंड में ऊर्जा निगम विद्युत नियामक आयोग को जलद् ही एक प्रस्ताव भेजने वाला है। इसके तहत बिजली के दामों में बढ़ोतरी किए जाने की मांग की जाएगी साथ ही बढ़ोतरी की वजह भी शामिल रहेगी।
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बिजली रेट बढ़ाने का ये है आधार
फिलहाल ऊर्जा निगम इस पर मसौदा तैयार कर रहा है। ऊर्जा निगम पूरे देश में बिजली संकट और बाजार से सस्ती बिजली उपलब्ध न होने को उत्तराखंड में दर बढ़ाने का आधार बना रहा है।
ऊर्जा निगम की ओर से जो तर्क दिया गया है उसके मुताबिक 12 रुपए प्रति यूनिट बिजली खरीदी जा रही है, जबकि जनता को बिजली के लिए सिर्फ चार रुपए ही चार्ज किए जा रहे हैं। ऐसे में इस अंतर की वजह से निगम पर हर महीने करीब 400 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। बिजली संकट के बीच ये भार और भी ज्यादा मुश्किल बढ़ा रहा है।
यूपीसीएल ने विद्युत नियामक आयोग को भेजने के लिए रेट बढ़ाने का प्रस्ताव लगभग तैयार कर लिया है।माना जा रहा है कि, जल्द ही इसे भेज कर इस पर मंजूरी मांगी जाएगी। अगर मंजूरी मिल जाती है तो उत्तराखंडवासियों को बिजली की बढ़ी हुई दरों के साथ एक और बड़ा झटका मिलेगा।
10 रुपए तक बढ़ सकते हैं दाम
यूपीसीएल प्रति यूनिट करीब पांच पैसे की वृद्धि का प्रस्ताव बना रहा है। इस तरह एक महीने में 200 यूनिट तक बिजली खर्च होने की स्थिति में उपभोक्ताओं पर प्रति बिल दस रुपए का अतिरिक्त भार पड़ने की उम्मीद है।
यूपीसीएल मैनेजमेंट ने अपनी आर्थिक स्थिति से सरकार को भी अवगत करा दिया है। सरकार से भी यूपीसीएल ने टैरिफ रिवाइज किए जाने का प्रस्ताव आयोग को भेजे जाने की मंजूरी मांगी। जिस पर सहमति मिल चुकी है।
ऊर्जा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक, यूपीसीएल को कहा गया है कि आयोग में टैरिफ रिवाइज किए जाने का प्रस्ताव भेजा जाए।
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