
US Indo-Pacific Command Renamed: अमेरिका ने अपने सैन्य कमांड यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड (USINDOPACOM) का नाम बदलकर फिर से यूएस पैसिफिक कमांड (USPACOM) कर दिया है। अमेरिका की यह सैन्य कमांड 2018 तक यूएस पैसिफिक कमांड के नाम से जानी जाती थी। अमेरिका के इस फैसले के बाद भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इसे लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 2018 में अमेरिका ने हिंद महासागर क्षेत्र के बढ़ते महत्व और भारत की भूमिका को ध्यान में रखते हुए अपने कमांड का नाम यूएस पैसिफिक कमांड से बदलकर यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड किया था। उस समय मोदी सरकार ने इसे अपनी बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया था। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि अब जब अमेरिका ने 'इंडो' शब्द हटा दिया है तो सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आ रही है।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि कमांड का नाम फिर से यूएस पैसिफिक कमांड रखने का फैसला उसकी ऐतिहासिक पहचान और विरासत को सम्मान देने के लिए लिया गया है। विभाग के मुताबिक, नाम बदलने से कमांड की जिम्मेदारियों, रणनीतिक मिशन या उसके कार्यक्षेत्र में कोई बदलाव नहीं होगा।
अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस कमांड का संचालन क्षेत्र पहले की तरह ही रहेगा। विभाग के अनुसार, यह क्षेत्र अमेरिका के पश्चिमी तट से लेकर भारत की पश्चिमी सीमा तक फैला हुआ है। साथ ही क्षेत्रीय सहयोगी देशों के साथ काम करने की नीति भी जारी रहेगी।
साल 2018 में तत्कालीन अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने यूएस पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड कर दिया था। उस समय अमेरिका ने कहा था कि हिंद महासागर क्षेत्र की बढ़ती रणनीतिक अहमियत और इस क्षेत्र की सुरक्षा में भारत की बढ़ती भूमिका को देखते हुए यह बदलाव किया गया है।
कमांड की आधिकारिक वेबसाइट पर दिखाए गए एक नक्शे को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। वेबसाइट के 'एरिया ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी' सेक्शन में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया है। इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
भारत के नजरिए से इस फैसले को अहम माना जा रहा है। 2018 में जब अमेरिका ने यूएस पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड किया था तब इसे हिंद महासागर क्षेत्र और क्षेत्रीय सुरक्षा में भारत की बढ़ती भूमिका की पहचान के तौर पर देखा गया था।
उस समय अमेरिका ने भारत के साथ रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की बात भी कही थी। अब 'इंडो' शब्द हटाए जाने पर भारत की घटती प्राथमिकता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि अमेरिकी रक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल नाम का बदलाव है और कमांड की जिम्मेदारियों, कार्यक्षेत्र तथा सहयोगी देशों के साथ उसकी प्रतिबद्धताओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है।