Uttarakhand Cloud Burst चमोली में मची तबाही, मजदूरों की झोपड़ियां मलबे में दबीं, रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी एसडीआरएफ की टीम
नई दिल्ली। उत्तराखंड ( Uttarakhand Cloud Burst ) के चमोली (Chamoli) में बादल फटने की खबर सामने आई है। बादल फटने के बाद बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। खास बात यह है कि बाढ़ के चपेट में सीमा सड़क संगठन यानी BRO के मजदूर भी चपेट में आ गए हैं।
चमोली के नारायणबागर प्रखंड के पंगाटी गांव में हालात काफी बिगड़ गए हैं। फिलहाल मौके पर पहुंची SDRF की टीम मजदूरों को रेस्क्यू करने में जुटी है। हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है।
उत्तराखंड के चमोली जिले में सोमवार को तड़के बादल फटने की घटना से तबाही मच गई है। जिले के नारायणबगड़ में तड़के बादल फटने की घटना में सीमा सड़क संगठन के मजदूरों की करीब सात झोपड़ियां बह गईं हैं। बाढ़ से मजदूरों के 19 परिवार बेघर हो गए हैं।
वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी इस घटना का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा स्थानीय प्रशासन राहत बचाव कार्य कर रहा है। बादल फटने की घटना से कोई जनहानी नहीं हुई है।
इससे पहले पहाड़ी से हुए भूस्खलन के कारण ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे उमा माहेश्वर आश्रम (कर्णप्रयाग) के पास करीब आठ घंटे तक बाधित रहा।
नेशनल हाइवे की ओर से रात में मशीनें लगाकर मलबा हटा दिया गया था, लेकिन रात को फिर से पहाड़ दरकने की वजह से यातायात बंद हो गया है।
लैंडस्लाइड के बाद से इस इलाके में करीब 200 वाहन फंसे हुए हैं। यातायात बंद होने का आसर तीर्थ यात्रियों पर भी पड़ा है। दरअसल शनिवार और रविवार को कर्णप्रयाग में उमा माहेश्वर आश्रम के पास भूस्खलन की वजह से मलबा हाईवे पर आ गया था, इससे बद्रीनाथ, जोशीमठ, चमोली, गोपेश्वर सहित कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, श्रीनगर के साथ-साथ आस-पास के कई इलाके प्रभावित हुए हैं।
इसके अलावा ऑलवेदर रोड पर भी लगातार बारिश की वजह से बद्रीनाथ हाईवे पर श्रीनगर से लेकर लामबगड़ तक कई यातायात प्रभावित हुआ है।