राष्ट्रीय

दो हिंदू बहनों ने ईदगाह के लिए दान की 1.5 करोड़ की जमीन, भावुक कर देगी वजह

देशभर के कई राज्यों में इन दिनों धार्मिक समुदायों को लेकर हिंसक झड़प की कई घटनाएं सामने आ रही हैं। लेकिन इन हिंसक घटनाओं के बीच कम्युनल हार्मनी का उम्दा उदाहरण दो हिंदू बहनों ने पेश किया है। तनाव वाले इस माहौल में इन हिंदू बहनों ने अपनी डेढ़ करोड़ी की संपत्ति ईदगाह के लिए दान दी है।

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May 05, 2022
Uttarakhand Hindu Sisters Donate Land To Eidgah To Fulfil Father's Last Wish

एक तरफ जहां देश के कई राज्यों से जातिगत हिंसा और तनाव की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं उत्तराखंड की दो हिंदू बहनों ने आपसी सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की है। इन दो बहनों ने हिंसक माहौल के बीच आपसी भाई चारा बढ़ाने और अन्य समुदाय के प्रति अच्छा भाव रखने का संदेश भी दिया है। दरअसल इन दो बहनों ने अपनी 1.5 करोड़ रुपए की संपत्ति को ईदगाह के नाम दान कर दिया है। दोनों बहनों के इस प्रयास की जमकर सराहना भी की जा रही है। हालांकि इन बहनों के इस सराहनीय प्रयास के पीछे की वजह भी काफी खास है।

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर की दो हिंदू बहनों ने डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की अपनी चार बीघा जमीन ईद के त्योहार पर ईदगाह के विस्तार के लिए दे दी। इन बहनों के दान ने मुसलमानों के दिल को भी छू लिया है।

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पिता की अंतिम इच्छा को किया पूरा
दरअसल दो बहनों ने ईदगाह के नाम अपनी डेढ़ करोड़ से ज्यादा कीमत वाली जमीन दान में देकर अपने दिवंगत पिता की आखिरी इच्छा को पूरा किया है। इन दो बहनों की उदारता अब इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
दरअसल बीस वर्ष पहले दोनों बहनों के पिता ब्रजनंदन प्रसाद रस्तोगी ने अपने करीबी रिश्तेदारों को बताया था कि वह अपनी चार बीघा कृषि भूमि नजदीक ही बने ईदगाह के विस्तार के लिए दान देना चाहते हैं।

हालांकि अपने बच्चों को अंतिम इच्छा बताने से पहले ही रस्तोगी का जनवरी 2003 में निधन हो गया। दिल्ली और मेरठ में अपने परिवारों के साथ रह रहीं उनकी पुत्रियों सरोज और अनीता को हाल में अपने पिता की इस इच्छा के बारे में पता चला तो उन्होंने तत्काल काशीपुर में रहने वाले अपने भाई राकेश से सहमति लेने के लिए संपर्क किया। बहनों की इस इच्छा को भाई राकेश ने भी तुरंत रजामंदी दे दी।

देश के विभिन्न हिस्सों से आ रही सांप्रदायिक तनाव की खबरों के बीच दो बहनों की यह उदारता को लेकर उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के छोटे से शहर काशीपुर में खूब सराहना हो रही है।

बेटे ने कहा बहनों की कोशिश से पिता को मिलेगी शांति
दोनों बहनों की इस पहल को लेकर भाई राकेश रस्तोगी ने कहा, ‘पिता की अंतिम इच्छा का सम्मान करना हमारा दायित्व है। मेरी बहनों ने कुछ ऐसा किया है, जिससे पिता की आत्मा को शांति मिलेगी।'


ईदगाह कमेटी ने भी जताया आभार
ईदगाह के लिए कीमती जमीन दान करने वाली दोनों बहनों की कोशिश पर ईदगाह कमेटी ने भी आभार जताया है। कमेटी के हसीन खान ने कहा, ‘दोनों बहने सांप्रदायिक एकता की जीती जागती मिसाल हैं। ईदगाह कमेटी उनकी इस उदारता के लिए उनका आभार व्यक्त करती है। दोनों बहनों का जल्द ही अभिनंदन किया जाएगा।’

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Published on:
05 May 2022 11:26 am
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