राष्ट्रीय

उत्तराखंडः सवर्ण छात्रों ने फिर से दलित रसोइया का खाना खाने से किया इंकार, DM ने पैरेंट के साथ की बैठक

उत्तराखंड में दलित रसोइया का खाना खाने से सवर्ण छात्रों ने फिर से इंकार किया है। चंपावत जिले में स्थित एक सरकारी स्कूल से पिछले साल भी यह मामला सामने आया था। बाद में जिला प्रशासन सहित अन्य लोगों की पहल पर इसे समाप्त कराया गया था। अब फिर से उसी स्कूल से यह मामला सामने आया है।

2 min read
midday__meal_dalit_vs_upper_cast_dispute.jpeg

Uttarakhand MDM Upper caste vs Dalit Dispute: उत्तराखंड में दलित रसोइया का खाना नहीं खाने का विवाद फिर से सामने आया है। राज्य के चंपावत जिले के एक सरकारी स्कूल के कुछ सवर्ण छात्रों ने दलित रसोइया के हाथों से पका खाना खाने से इंकार कर दिया। स्कूल के प्रिंसिपल ने छात्रों को मनाने की कोशिश की, लेकिन वो सफल नहीं हो सके। जिसके बाद छात्रों को मनाने के लिए डीएम को खुद से पहल करनी पड़ी। डीएम ने विरोध कर रहे छात्रों के अभिभावकों के साथ बैठक की।

जानकारी के अनुसार चंपावत जिले के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 7-8 सवर्ण छात्रों ने दलित रसोइया सुनीता देवी के हाथों बना खाना खाने से इंकार कर दिया। मामला चंपावत के स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय श्री राम चंद्र शासकीय इंटर कॉलेज से जुड़ा है। जौल गांव में स्थित इस स्कूल के प्रिंसिपल प्रेम कुमार ने हालिया प्रकरण के बारे में बताया कि शुक्रवार को स्कूल के 7-8 बच्चों ने दलित रसोइया सुनीत देवी के हाथों बना खाना खाने से इंकार कर दिया।

प्रिंसिपल प्रेम कुमार ने बताया कि छात्रों के विरोध के बाद हमने अभिभावकों के साथ बैठक की। उन्हें पूरी वस्तुस्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे विरोध पर छात्रों को स्कूल से निकाला जा सकता है। प्रिंसिपल ने बताया कि अभिभावकों ने यह आश्वासन दिया कि वो लोग इस मसले पर छात्रों से बातचीत करेंगे। वहीं दूसरी ओर मामला सामने आने के बाद चंपावत के डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने भी अपने स्तर से विवाद को सुलझाने का प्रयास किया है।

चंपावत डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने इस मसले में शुक्रवार को विरोध कर रहे छात्रों के माता-पिता के साथ बैठक की। उन्हें समझाते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि वो अपने बच्चों को समझाएं कि वो स्कूल में भोजन करें। बता दें कि पिछले साल भी इसी स्कूल से ऐसा ही मामला सामने आया था। तब स्कूल के लगभग 66 छात्रों ने दलित रसोइया सुनीत देवी द्वारा बनाए गए खाना को खाने से इंकार कर दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने दलिता रसोइया की नियुक्ति प्रक्रिया में खामियां बताते हुए उसे बर्खास्त किया था। हालांकि बाद में एससी-एसटी एक्ट में शिकायत दर्ज कराने के बाद उक्त रसोइया को बहाल किया गया था।

Published on:
21 May 2022 01:13 pm
Also Read
View All
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी से CID ने की 6 घंटे तक पूछताछ, जानें क्या है पूरा मामला?

अमृतसर से कटरा के लिए वंदे भारत ट्रेन सेवा आज से बहाल, जानें क्या है नया टाइम टेबल और रूट

अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी: दो धोती, दो कमीज पहनने वाले चंपत राय को क्यों घसीट रहे हैं? RSS समर्थक ने राम मंदिर प्रबन्धन का ऐसे किया बचाव

क्या BJP को सता रहा फूट का डर? राज्यसभा चुनाव से पहले होटल में शिफ्ट होने के बाद भाजपा विधायक बोले- 2 दिन बढ़िया खाना खाएंगे

‘ममता बनर्जी के सामने अंडे फेंके गए’, अपने ऊपर हुए हुए हमले के बाद क्या बोले TMC विधायक? Z सिक्योरिटी पर उठाया सवाल