
Raghopur boat accident: वैशाली के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। मरने वाले बच्चों की उम्र 6 से 15 साल के बीच बताई जा रही है। इनमें से सात बच्चे एक ही परिवार से थे। घटना के बाद इलाके में कोहराम मच गया। ग्रामीण, पुलिस व SDRF की टीम बचाव अभियान में जुट गई हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे रवि यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नदी पार करते समय नाव टूट गई और बीच धारा में डूब गई। हम सब वहां मौजूद थे। गांव वालों की मदद से सभी को बचाया गया। हमने पूरी कोशिश की, लेकिन हमारी कोशिशों के बावजूद सभी को नहीं बचाया जा सका। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने भी इस मामले में लापरवाही बरती। उन्होंने कहा कि जब हम बेसुध बच्चों को अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां भी उचित व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर समय पर ऑक्सिजन मिलता तो कुछ की जान बच जाती। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों ने मीडिया से कहा कि राघोपुर के सर्कल ऑफिसर (CO) दीपक कुमार को पहले ही नाव की जर्जर हालत के बारे में बताया गया था, फिर भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।इसी वजह से इतनी बड़ी त्रासदी हुई। हमने खाट और रस्सियों का इस्तेमाल करके सभी को बाहर निकाला और फिर अस्पताल ले गए।
वैशाली की घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शोक संवेदना जाहिर की है। राष्ट्रपति ने आज सुबह X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बिहार के वैशाली जिले में हुई नाव दुर्घटना में बच्चों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया आई है। PMO ने एक्स पर लिखा कि बिहार के वैशाली में नाव पलटने की घटना में लोगों की मौत बहुत दुखद है। इस मुश्किल समय में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मैं सभी घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की मदद कर रहा है। इस घटना में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिवार को PMNRF से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। इधर, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख और पीएमओ ने 2-2 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया है। घायलों को 50-50 हजार की राशि दी जाएगी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा मंगलवार रात करीब 8.30 बजे हुआ। उन्होंने बताया कि 25 से अधिक लोग छोटी नाव में सवार होकर नदी पार करके श्राद्ध के भोज में जा रहे थे। तभी संतुलन बिगड़ने पर नाव पलट गई और सभी गंगा नदी में डूबने लगे। इधर, घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने पोस्टमॉर्टम से इनकार कर दिया है। पुलिस ने मृतकों की पहचना पिंकी कुमारी, अंकिता कुमारी, सुनीता कुमारी, आर्यन कुमार, अलीशा कुमारी, सिकी कुमारी, भोणू कुमारी और मीरा कुमारी के रूप में की है।