गुजरात के अहमदाबाद शहर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों से पूरा देश हिल गया था। 26 जुलाई 2008 को एक घंटे के अंदर हुए 21 धमाकों से हर कोई थर्रा उठा था। इस विस्फोट में 56 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इस मामले में गुजरात स्पेशल कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने 49 लोग दोषी करार दिया है जबकि 28 को बरी कर दिया है।
गुजरात के अहमदाबाद शहर में 26 जुलाई 2008 का वो दिन हर किसी के जहन में अब भी ताजा है, जब नगर पालिका क्षेत्र में एक घंटे के अंदर 21 सिलसिलेवार बम धमाके हुए। इन धमाकों में गूंज से हर को हिल गया। इस सीरियल ब्लास्ट मामले में 2 फरवरी को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन 30 जनवरी को ही स्पेशल कोर्ट के जज एआर पटले कोरोना संक्रमित हो गए और इस मामले पर फैसला 8 फरवरी तक टल गया। मंगलवार को गुजरात कोर्ट ने इस मामले पर बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने केस में 49 लोगों को दोषी करार दिया है. वहीं 77 में से 28 आरोपियों को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया है। अहमदाबाद में 2008 में हुए सीरियल ब्लास्ट में स्पेशल अदालत के जज अंबालाल पटेल ने इस मामले में आज फैसला सुनाया। बता दें कि इस सिलसिलेवार बम धमाके में 56 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 200 से ज्यादा लोग इन धमाकों में जख्मी हुए थे।
देश में इतने कम समय में इतने धमाके पहले कभी नहीं हुए थे। एक घंटे के अंदर अहमदाबाद में एक दो नहीं बल्कि पूरे 21 धमाके हुए। इस मामले में अहमदाबाद पुलिस ने 20 प्राथमिकी दर्ज की थी, जबकि सूरत में 15 अन्य प्राथमिकी दर्ज की गईं।
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जहां विभिन्न स्थानों से बम बरामद किए गए थे। अदालत की ओर से सभी 35 प्राथमिकी को मर्ज करने के बाद मुकदमा चलाया गया। दरअसल पुलिस ने अपनी जांच में इस बात का दावा किया था कि सभी एक ही साजिश का हिस्सा थे। ऐसे में सभी प्राथमिकी को मिलाकर केस की सुनवाई शुरू की गई।
सीरियल बम धमाकों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी आतंकियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। गुजरात के मौजूदा DGP आशीष भाटिया के नेतृत्व में बेहतरीन अफसरों की टीम बनाई गई। वहीं तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी 27 तारीख को अहमदाबाद का दौरा किया।
28 जुलाई को गुजरात पुलिस की एक टीम बनी। सिर्फ 19 दिन में 30 आतंकियों को पकड़कर जेल भेजा गया। इसके बाद बाकी आतंकी भी पकड़े गए। अहमदाबाद में हुए धमाकों से पहले इंडियन मुजाहिदीन की इसी टीम ने जयपुर और वाराणसी में धमाकों को अंजाम दिया था।
- 78 आरोपितों पर इस मामले में अब तक आरोप पत्र तैयार
- 06 आरोपितों पर आरोप पत्र अभी तैयार होना बाकी है
- 02 आरोपियों की मौत हो चुकी है
- 82 आतंकवादी सलाखों के पीछे हैं
- 96 आतंकियों की पहचान की गई है
- 3 पाकिस्तान और 1 सीरिया भागने में सफल रहा था
- 51 लाख पेज की चार्जशीट है
- 1163 गवाहों की गवाही को वैध रखा गया है
- 2009 से रोजाना हो रही थी इसकी सुनवाई
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