
Vikramjit Singh Jhota murder case : गुरदासपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पंजाब के गुरदासपुर में मृतक बिक्रमजीत सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात की। बिक्रमजीत सिंह की नशे के कारोबार का विरोध करने के कारण हत्या कर दी गई थी। इस दौरान परिजनों ने मामले की सीबीआई जांच कराने और पंजाब को नशामुक्त बनाने की मांग की।
मृतक की भतीजी सरोज दीपक ने बताया कि अमित शाह ने परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने पंजाब को नशामुक्त बनाने का भी आश्वासन दिया। परिवार ने सीबीआई जांच की मांग रखी, जिस पर उन्होंने मामले को सीबीआई को सौंपने की बात कही।
सरोज दीपक ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल लोग नशे का सेवन करते थे। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि इसके लिए जिम्मेदार लोग कौन हैं। वे नशे का सेवन करते थे। जब वे यहां पहुंचे तो नशे में धुत थे और सामने जो भी मिला, उसे मार डाला। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय मिलना चाहिए और पंजाब को नशे से मुक्त किया जाना चाहिए।
भाजपा पंजाब के उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने कहा कि जालंधर में कुछ दिन पहले अमित शाह ने 31 दिसंबर 2029 तक राज्य से नशे की समस्या को पूरी तरह खत्म करने का वादा किया था। बाजवा ने कहा कि परमिंदर सिंह झोटा से जुड़ी घटना और पंजाब में सामने आ रही अन्य घटनाओं के बीच गृह मंत्री का दौरा राज्य के लोगों को यह संदेश देता है कि भाजपा नशे के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता पूरी करेगी।
अमित शाह इससे पहले भी नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने के बाद जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि नशे के खिलाफ बोलने वालों को चुप कराने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। केंद्र सरकार नशा तस्करों की पहचान कर उन्हें जेल भेजने के लिए प्रतिबद्ध है।
पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि राज्य में आप सरकार के संरक्षण में हेरोइन जैसे मादक पदार्थों का कारोबार फल-फूल रहा है।
वहीं, पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने अमित शाह के दौरे का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार से सीमा सुरक्षा और नशा तस्करी पर सवाल पूछे। उन्होंने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के रास्ते कथित तौर पर 3,000 किलोग्राम हेरोइन आने के मामले का उल्लेख करते हुए केंद्र से जवाब मांगा। उन्होंने पाकिस्तान से लगती पंजाब की 543 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा और राज्य में गैंगस्टर संस्कृति के बढ़ने पर भी चिंता जताई।
इस बीच, परमिंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला भी चर्चा में है। झोटा की 13 अक्टूबर को एक मेडिकल स्टोर संचालक के साथ नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर हुए विवाद के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद किसान और मजदूर संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था और 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया था। परिवार की मांग के बाद पंजाब सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इसकी पुष्टि करते हुए नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह की हत्या और हमले में घायल हुए निशान सिंह तथा गुरमुख सिंह के मामले में पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर बटाला तहसील के श्री हरगोबिंदपुर थाने के अंतर्गत मारी पनवां गांव में हुई घटना और राज्य सरकार की ओर से की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। इसके अलावा, गृह मंत्रालय ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या पर भी तथ्यात्मक रिपोर्ट और नशामुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। इनमें एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को मजबूत करना, नशे से जुड़े मामलों में वित्तीय जांच, नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) के जरिए एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और अभियोजन व्यवस्था को मजबूत करना शामिल है।