IMD Weekly Forecast: मौसम का मूड कुछ समझ में नहीं आ रहा है। कभी गर्मी, कभी सर्दी तो कहीं बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) के बुलेटिन के अनुसार, आगामी सात दिनों यानि 22 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के दौरान पूरे देश के मौसम में व्यापक और बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। […]
IMD Weekly Forecast: मौसम का मूड कुछ समझ में नहीं आ रहा है। कभी गर्मी, कभी सर्दी तो कहीं बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) के बुलेटिन के अनुसार, आगामी सात दिनों यानि 22 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के दौरान पूरे देश के मौसम में व्यापक और बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। जहां एक तरफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे उत्तर व मध्य भारत के राज्यों में सर्दी लगभग विदा हो चुकी है और तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है, वहीं दूसरी ओर केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही, पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना बनी हुई है, जबकि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ जैसे पूर्वी राज्यों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक 22 फरवरी 2026 को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने एक मजबूत कम दबाव के क्षेत्र के कारण दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम बेहद खराब रहेगा। इस दिन विशेष रूप से केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के तटीय इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी राज्यों में आसमान पूरी तरह से साफ रहेगा और चटक धूप खिली रहेगी।
इधर 23 फरवरी 2026 की बात करें तो, एक नए और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ पहाड़ी जनपदों (जैसे उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग) में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। इसी दिन मौसम का मिजाज पूर्वी भारत में भी बदलेगा, जहां गांगेय पश्चिम बंगाल और तटीय ओडिशा में छिटपुट गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका मौसम विभाग ने जताई है।
आगामी 24 फरवरी 2026 और 25 फरवरी 2026 को मौसम की यह अस्थिरता मध्य और तटीय भारत की ओर बढ़ जाएगी। इन दोनों तारीखों पर विदर्भ, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है। दूसरी ओर, प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी इन दोनों दिनों में मौसम खराब रहेगा और बिजली कड़कने के साथ तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तर भारत, विशेषकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा में सुबह के समय हल्की धुंध रह सकती है, लेकिन दिन में तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाएगा।
उधर 26 फरवरी 2026 और 27 फरवरी 2026 से खराब मौसम की प्रणालियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगेंगी। इसके परिणामस्वरूप दक्षिण भारत के यात्रियों और स्थानीय निवासियों को तूफानी बारिश से काफी राहत मिलेगी। इन दोनों दिनों में लगभग पूरे देश में मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहने लगेगा। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों—जैसे राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश—में इन तारीखों पर अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक वृद्धि दर्ज की जाएगी। मौसम पोर्टलों के मुताबिक, इन दिनों में किसी भी राज्य के लिए कोई गंभीर मौसम चेतावनी (रेड या ऑरेंज अलर्ट) नहीं है।
महीने के अंतिम दिन यानि 28 फरवरी 2026 तक उत्तर और मध्य भारत में पूरी तरह से गर्मियों की आहट महसूस होने लगेगी। दिल्ली, जयपुर, चंडीगढ़, भोपाल और लखनऊ जैसे शहरों में चिलचिलाती धूप के कारण अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जो कि फरवरी के सामान्य तापमान से कहीं अधिक है। हालांकि, रात के समय न्यूनतम तापमान 15 से 17 डिग्री के आसपास रहेगा। संक्षेप में कहें तो, अगले सात दिनों का यह बुलेटिन सर्दियों की पूर्ण विदाई और मार्च की शुरुआत के साथ ही तेज गर्मी के आगमन का स्पष्ट संकेत दे रहा है।