
TMC MP Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई है। 1972 के बाद पश्चिम बंगाल में एक ऐसी पार्टी की सरकार होगी, जो केंद्र में भी सत्तारूढ़ है। इस चुनाव में हार के साथ 15 साल से चले आ रहे ममता बनर्जी सरकार का राज खत्म हो गया है। राज्य की राजनीति और सत्ता में बदलाव के साथ ही कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास ‘शांति निकेतन 188’ के आसपास का माहौल पूरी तरह बदल गया है।
दरअसल, यहां पर जहां पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही थी। कई पुलिस पोस्ट और बैरिकेड्स लगे रहते थे। लोगों की आवाजाही सीमित रहती थी। यहां तक कि सड़क को एक लेन में सीमित कर दिया गया था। यहां से गुजरने वाले हर शख्स पर कड़ी निगरानी रखी जाती थी, लेकिन तृणमूल कांग्रेस की हार के साथ अब हालात बदल गए हैं। अब उनके आवास के आसपास लगे सुरक्षा घेरे को हटा लिया गया है, जिससे लोगों को राहत मिली है। वहीं ममता बनर्जी की अतिरिक्त सुरक्षा भी हटा ली गई है।
पश्चिम बंगाल के DGP सिद्धार्थ नाथ गुप्ता ने कहा, 'कुछ लोग सुरक्षा हटाए जाने की बात कर रहे थे। MP अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी को Z+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। Z+ श्रेणी के लिए फोर्स की तैनाती के बारे में 'येलो बुक' में साफ तौर पर बताया गया है। हम Z+ श्रेणी के सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के लिए 'येलो बुक' में दिए गए निर्देशों के अनुसार ही फोर्स तैनात कर रहे हैं। उससे ज्यादा अतिरिक्त फोर्स तैनात थी, उसे हटा लिया गया है और हम उसका इस्तेमाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर रहे हैं। तो, संक्षेप में कहें तो, सुरक्षा में कोई कटौती नहीं की गई है। सुरक्षा पूरी तरह से 'येलो बुक' में दिए गए प्रोटोकॉल के अनुसार ही है।'
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को पराजित कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहली बार सरकार बनाई है। भाजपा ने बीते दस वर्षों में 3 सीटों से बढ़कर 207 सीटों तक पहुंचने का उल्लेखनीय सफर तय किया है। इस चुनाव में भाजपा को 130 सीटों का फायदा हुआ, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 135 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा।
इस चुनाव की सबसे ज्यादा चर्चित सीट भवानीपुर रही, जहां भाजपा के सुवेंदु अधिकारी और TMC की ममता बनर्जी के बीच सीधा मुकाबला था। इस सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया। सुवेंदु अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 मत प्राप्त हुए।