
West Bengal Bypoll 2026: पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव होने हैं। दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी। उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी तेजी कर दी है। वहीं बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों के ऐलान करने के बाद दोनों विधानसभा चुनाव के प्रभारियों की भी घोषणा कर दी है। पार्टी ने सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो को नंदीग्राम सीट का प्रभारी बनाया है। वहीं, राज्य मंत्री गौरी शंकर घोष को रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में संगठन और चुनाव प्रबंधन की कमान सौंपी है।
राज्य में सरकार बनाने के बाद यह पहला उपचुनाव होगा। यह चुनाव शुभेन्दु अधिकारी के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसलिए बीजेपी ने अपने दो दिग्गज नेताओं को दोनों सीटों की कमान सौंपी है।
बता दें कि प्रदेश में नंदीग्राम सीट को हॉट सीट माना जाता है। इसे टीएमसी का गढ़ माना जाता था, लेकिन 2021 में शुभेन्दु अधिकारी ने यहां से ममता बनर्जी को हराया। इसके बाद 2026 में भी शुभेन्दु अधिकारी ने जीत हासिल की थी। इसके अलावा शुभेन्दु ने भवानीपुर से भी विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट रखने के लिए नंदीग्राम छोड़ दिया, जिससे उपचुनाव हो रहा है।
बीजेपी अब इस सीट को अपना गढ़ बनाना चाहती है। यही वजह है कि पार्टी ने विक्टम कार्ड खेला है। पार्टी ने हासीरानी रथ को प्रत्याशी बनाया है, जो कि चंद्रनाथ रथ की मां हैं। इसके अलावा अब इस सीट का प्रभार ज्योतिर्मय सिंह महतो को दिया है। महतो बीजेपी के वरिष्ठ नेता है।
नंदीग्राम में प्रभारी के तौर पर महतो का मुख्य काम संभवतः संगठन, बूथ प्रबंधन, स्थानीय नेताओं के बीच समन्वय और चुनावी अभियान की निगरानी होगा। यानी वे सिर्फ उम्मीदवार के प्रचार तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि पूरे चुनावी संगठन को मैनेज करने की भूमिका में होंगे।
इस स्थिति में महतो की नियुक्ति का अर्थ यह है कि बीजेपी स्थानीय अधिकारी नेतृत्व के साथ एक अलग संगठनात्मक कमान भी स्थापित कर रही है। महतो खुद लगातार दो बार पुरुलिया से सांसद रहे हैं। इसलिए पार्टी उन्हें ऐसे नेता के रूप में इस्तेमाल कर रही है जिनके पास लोकसभा चुनाव और संगठनात्मक अभियान दोनों का अनुभव है।
हुमायूं कबीर के रेजीनगर सीट छोड़ने के कारण यहां पर उपचुनाव हो रहे हैं। कबीर ने नोदा विधानसभा सीट से भी जीत दर्ज की थी। बीजेपी ने इस सीट से शाखारव सरकार को प्रत्याशी बनाया है। वहीं चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी गौरी शंकर घोष को दी है। घोष बंगाल सरकार में मंत्री भी है। घोष की बीजेपी के अनुभवी नेताओं में गिनती होती है।
विधानसभा चुनाव में मुस्लिम बहुल सीट मुर्शिदाबाद से गौरी शंकर घोष ने जीत दर्ज की थी। वहीं रेजीनगर भी मुस्लिम बहुल सीट है। इसलिए बीजेपी ने घोष को इसकी कमान सौंपी है।