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शुभेन्दु सरकार बॉर्डर पश्चिम बंगाल की जमीन तारबंदी के लिए देने को तैयार, क्या अब घुसपैठ रुक जाएगी

Infiltration: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ रोकने के लिए BSF को 27 किलोमीटर जमीन सौंपने की घोषणा की है। बीजेपी ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में इस जमीन हस्तांतरण को मंजूरी देकर पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार के फैसले को पलट दिया है।

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May 20, 2026
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी । ( फोटो: ANI)

Border Fencing: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने बुधवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम को गति देने के लिए राज्य सरकार 27 किलोमीटर जमीन सौंपने को तैयार है। मुख्यमंत्री अधिकारी ने हावड़ा में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान बताया कि राज्य सरकार न केवल बाड़बंदी, बल्कि सीमा चौकियों और सीमा सुरक्षा बल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी आवश्यक भूमि उपलब्ध कराएगी। ध्यान रहे कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने के 45 दिनों के अंदर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए भूमि आवंटित की जाएगी। पड़ोसी देश से होने वाली अवैध घुसपैठ रोकना पार्टी के प्रमुख चुनावी मुद्दों में से एक था।

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मुख्यमंत्री अधिकारी का बयान

'हम सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 27 किलोमीटर भूमि के साथ-साथ कुछ सीमा चौकियों और बीएसएफ के इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के लिए आवश्यक जमीन सौंपने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।'

पिछली सरकार पर बोला हमला

मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने बाड़बंदी के लिए जमीन देने से साफ मना कर दिया था। उन्होंने कहा, “काफी समय पहले बीएसएफ और केंद्र सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा करने के लिए भूमि की मांग करते हुए राज्य सरकार से संपर्क साधा था। मगर तत्कालीन सरकार ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और असहयोग का रुख अपनाया।

दो हफ्तों के अंदर हमारे अधिकारी भूमि का बड़ा हिस्सा सौंपने के लिए तैयार

अधिकारी ने आरोप लगाया कि उनके इस रवैये के कारण देश और राज्य की सुरक्षा पर बड़ा संकट मंडरा रहा था। लेकिन अब व्यवस्था में बदलाव आ चुका है और एक राष्ट्रभक्त सरकार ने कमान संभाल ली है। इसके परिणामस्वरूप, महज दो हफ्तों के अंदर हमारे अधिकारी भूमि का एक बड़ा हिस्सा सौंपने के लिए तैयार हैं।'

कैबिनेट बैठक में लिया गया था फैसला

इससे पहले, नवगठित भाजपा सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में बीएसएफ को भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। बीते 11 मई को इस संबंध में बयान देते हुए मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने कहा था, 'हमने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही बीएसएफ को जमीन सौंपने का निर्णय ले लिया था, और इसकी प्रक्रिया भी उसी दिन से शुरू कर दी गई है। आगामी 45 दिनों के भीतर यह जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, बीएसएफ सीमा पर बाड़ लगाने का अधूरा काम पूरा कर लेगी, जिससे अवैध घुसपैठ की समस्या पर जल्द ही लगाम कसी जा सकेगी।'

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