
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियों पूरी कर ली हैं। 23 अप्रैल को पहले चरण के लिए मतदान किया जाएगा। इसको लेकर चुनाव आयोग ने प्रदेश में सुरक्षा के सख्त कदम उठाए हैं। बंगाल में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रदेश में दोपहिया वाहनों (बाइक्स और स्कूटर) की आवाजाही पर रोक लगा दी है। हालांकि कुछ लोगों को इसमें छूट दी गई है। मंगलवार शाम से ही पहले चरण के प्रचार प्रसार का शोर भी थम गया है।
चुनाव आयोग ने आदेश जारी करते हुए कहा कि पहले चरण की सभी 152 विधानसभा सीटों पर शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे के बीच बाइक या स्कूटर चलाने की अनुमति नहीं होगी। यह रोक मंगलवार से लागू हो गई है। आयोग के मुताबिक, कुछ लोगों को इन पाबंदियों में छूट दी गई है, जैसे मेडिकल इमरजेंसी या किसी पारिवारिक समारोह आदि। चुनाव आयोग ने बताया कि किसी भी तरह की छूट के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन से लिखित अनुमति लेना अनिर्वाय है।
चुनाव आयोग चाहता है कि प्रदेश में शांतपूर्ण मतदान हो, वोटिंग प्रक्रिया के दौरान बाधा डालने और मतदाताओं को डराने धमकाने की आशंका को देखते हुए बाइक रैलियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। ईसीएस का मानना है कि इस तरह की रैलियों से अक्सर हिंसा और तनाव का माहौल बन जाता है।
आयोग ने मुताबिक, सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक दोपहिया वाहनों के लिए यह कड़े नियम लागू रहेंगे। दिन में बाइक पर पीछे बैठकर सवारी करने पर रोक रहेगी। हालांकि मेडिकल इमरजेंसी, स्कूल के बच्चों को छोड़ने या लाने और पारिवारिक कार्यों के लिए ही पीछे बैठने छूट दी जाएगी। आपको बता दें कि 23 अप्रैल को वोटिंग के दिन सुबह 6 से शाम 6 बजे के बीच परिवार के सदस्यों को वोट डालने जाने के लिए पीछे बैठने की छूट रहेगी।