West Bengal Election 2026 Result : पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में Mamata Banerjee की हार से पहले ही ज्योतिषाचार्य संजीव शर्मा ने सटीक भविष्यवाणी की थी। ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार राहु-केतु और ग्रहण दोष ने सत्ता पर असर डाला। जानिए पूरी ज्योतिषीय गणना और चुनाव परिणाम का विश्लेषण।
West Bengal Election 2026 Prediction :पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर ज्योतिषाचार्य संजीव शर्मा की भविष्यवाणी सटीक साबित हुई है। उन्होंने चुनावी नतीजों से ठीक पहले, यानी 3 मई को बता दिया था कि इस बार ममता बनर्जी का मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहना मुश्किल है, क्योंकि ग्रह नक्षत्र उनके साथ नहीं हैं। ज्योतिषाचार्य शर्मा ने कहा था कि ममता की कुंडली में राहु-केतु नीचे की राशियों में हैं। दशम भाव (कर्म भाव) में सूर्य के साथ राहु का होना ग्रहण दोष पैदा करता है, जो सत्ता की स्थिरता पर असर डालता है।
ज्योतिषाचार्य संजीव शर्मा ने पत्रिका से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया था कि वर्तमान समय में शनि की दशा में बृहस्पति का अंतर चल रहा है तथा बृहस्पति की महादशा में राहु का प्रत्यंतर चल रहा है। राहु का प्रत्यंतर 22 अप्रैल 2026 से 8 सितंबर 2026 तक रहेगा। बृहस्पति के प्रभाव से ममता बनर्जी को कुछ सीटों पर जीत मिल सकती है, लेकिन उनकी पार्टी इस बार पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर पाएगी।
राहु की प्रत्यंतर दशा और दशम भाव में ग्रहण दोष के कारण उनके मुख्यमंत्री बनने में कठिनाइयां आएंगी। संभावना है कि वे मुख्यमंत्री की दौड़ से बाहर हो जाएं। आज यानी 4 मई को आए परिणाम ने इस भविष्यवाणी को सही साबित कर दिया है।
ज्योतिषाचार्य शर्मा ने यह भी कहा कि बुद्ध के प्रभाव के कारण ममता बनर्जी राजनीति में पूरी तरह सक्रिय रहेंगी। वे एक मजबूत विपक्षी नेता के रूप में सत्ता पक्ष को लगातार चुनौती देती रहेंगी। हालांकि, 2028 के बाद ममता बनर्जी के स्वास्थ्य में अचानक गिरावट आ सकती है। उन्हें किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
संजीव शर्मा के अनुसार, ममता बनर्जी का जन्म 5 जनवरी 1955 को सुबह 11:46 बजे हुआ था। उनकी कुंडली मीन लग्न की बनती है। लग्नेश बृहस्पति देव पंचम भाव में उच्च के होकर विराजमान हैं। इस योग के कारण उन्हें लंबे समय तक सत्ता का सहयोग मिला और वे बंगाल की मुख्यमंत्री बनी रहीं।
पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजे ज्योतिषाचार्य संजीव शर्मा की भविष्यवाणी से मिलते हैं। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सत्ता से बाहर हो गई है। वहीं, भाजपा को जनता ने पूर्व बहुमत दिया है। यह पहला मौका है जब पश्चिम बंगाल में कमल खिला है। 15 सालों तक बंगाल पर राज करने वालीं ममता बनर्जी को अब विपक्ष में बैठना होगा।