riju dutta exposes tmc ipac control: टीएमसी से निलंबित किए जाने के बाद रिजू दत्ता ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने खुलकर कहा है कि बंगाल चुनाव में टीएमसी की हार की असली वजह I-PAC का कंट्रोल और 50 लाख का टिकट रहा।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद अब पार्टी का अंदरूनी घमासान खुलकर सामने आ रहा है। सस्पेंडेड टीएमसी नेता रिजू दत्ता ने साफ कहा कि बंगाल की जनता ने टीएमसी को नकार दिया है।
रिजू दत्ता ने यह भी कहा कि पार्टी को सिर्फ 41 फीसदी वोट मिले, जबकि भजपा से अंतर महज 32 लाख वोट का था। लेकिन हार की असली वजहें कुछ और हैं, जिन्हें उन्होंने बिना लाग-लपेट के गिना दिया।
रिजू दत्ता ने सबसे पहले I-PAC पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह महीने से ये कंपनी ही पार्टी चला रही थी। I-PAC के लोग TMC नेताओं को लगातार मैसेज भेजते थे कि सुवेंदु अधिकारी और उनके पिता को गाली दो।
उन्होंने कहा- I-PAC के लोग हमें सुवेंदु और उनके पिता के खिलाफ भड़काते रहते थे। ये सब प्लानिंग बाहर से हो रही थी। रिजू ने कहा कि पार्टी का फैसला अब स्थानीय नेता नहीं, बल्कि ये एजेंसी ले रही थी, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैली।
रिजू दत्ता का सबसे चौंकाने वाला खुलासा टिकट बिक्री को लेकर है। उन्होंने बताया कि वह प्रतीक जैन से मिलने गए थे। वहां से निकलते ही अर्जुन नाम के एक शख्स ने उनसे फोन पर कहा- चुनाव लड़ना है तो 50 लाख रुपये लगेंगे। डर के मारे मैंने पार्टी में किसी को यह बात तक नहीं बताई।
उन्होंने कहा कि टिकट बेचने का सिलसिला चल रहा था, जिससे सच्चे कार्यकर्ता किनारे हो गए और पार्टी की जड़ें कमजोर हुईं। रिजू दत्ता ने कहा कि TMC की हार तय थी। लोगों ने पार्टी को वोट नहीं दिया।
रिजू ने कहा कि हार की तीन बड़ी वजहें रही, जिनमें I-PAC का हस्तक्षेप, टिकट घोटाला और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान न देना शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि 41 प्रतिशत वोट मिलना भी कोई बड़ी बात नहीं जब लोगों का भरोसा टूट चुका हो। रिजू ने कहा कि BJP और TMC के बीच वोट का फासला कम होने के बावजूद TMC की हार इसलिए हुई क्योंकि जनता परिवर्तन चाहती थी।
रिजू ने यह भी कहा कि हार की जिम्मेदारी ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को लेना चाहिए। उन्होंने कहा- जब I-PAC के दफ्तर में छापामारी हुई तो ममता दीदी दौड़कर वहां पहुंच गईं, उन्हें अपनी पार्टी का डेटा बचाना था। अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है, कुछ भी इधर-उधर हुआ तो वह जेल भी जा सकती हैं।