West Bengal Exit Poll Reactions: पश्चिम बंगाल में एग्जिट पोल आते ही सियासी हलचल बढ़ गई है। Kirti Azad ने इन आंकड़ों को खारिज करते हुए कहा कि उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने याद दिलाया कि 2024 Indian general election में भी एग्जिट पोल गलत साबित हुए थे।
पश्चिम बंगाल में एग्जिट पोल सामने आते ही सियासी माहौल गर्म हो गया है। अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़े भले ही विभिन्न तस्वीर पेश कर रहे हों, लेकिन जमीनी राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच टीएमसी के सांसद कीर्ति आजाद ने एग्जिट पोल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
तृणमूल कांग्रेस के नेता किर्ति आजाद ने एग्जिट पोल को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्हें इन आंकड़ों पर भरोसा नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान भी बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन असली नतीजे अलग निकले।
आजाद ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान एग्जिट पोल में यह दावा किया गया था कि भाजपा गठबंधन को 400 से अधिक सीटें मिल रही हैं। लेकिन असल नतीजा सबने देखा। उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल अक्सर जमीनी सच्चाई से दूर होते हैं।
किर्ति आजाद ने साफ तौर पर कहा कि बंगाल में सबसे बड़ा चेहरा ममता बनर्जी हैं और जनता का भरोसा अभी भी उनके साथ है। उनका दावा है कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस को आराम से दो-तिहाई बहुमत मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ सरकार बनाएगी। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा- एग्जिट पोल बेबुनियाद हैं, हमें मां, माटी और मानुष पर भरोसा है।
टीएमसी नेता शशि पांजा ने कहा- एग्जिट पोल आ गए हैं, असली नतीजा 4 मई को आएगा, लेकिन बंगाल में एग्जिट पोल का इतिहास अच्छा नहीं रहा है। नतीजे इसके उलट रहे हैं। ममता बनर्जी ही सीएम बनेंगी। भवानीपुर के लोग उन्हें समझते हैं…"
जहां एक तरफ टीएमसी अपने दावों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिख रही है, वहीं विपक्षी दल एग्जिट पोल के आंकड़ों से उत्साहित नजर आ रहे हैं। भाजपा और अन्य दलों को उम्मीद है कि इस बार बंगाल में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस चुनाव में स्थानीय मुद्दे काफी अहम रहे हैं। बेरोजगारी, महंगाई और कानून व्यवस्था जैसे सवाल मतदाताओं के बीच चर्चा में रहे। हालांकि, टीएमसी ने अपने सामाजिक योजनाओं और विकास कार्यों को जोर-शोर से जनता के सामने रखा।
एग्जिट पोल के अनुमानों पर भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- लोग बंगाल में 'जंगल राज' से तंग आ चुके थे, जिस तरह बेटियों और बहनों पर अत्याचार हो रहा था, जिस तरह कानून-व्यवस्था चरमरा रही थी और जिस तरह बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार फैला हुआ था।
उधर, 'खेला होबे' नारे पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा- खेला तो हो गया। खेल खत्म है। यह चुनाव जनता बनाम ममता था। ममता को कोई वोट नहीं मिला।
वहीं, भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने कहा- बंगाल में बदलाव तय है, यह आ चुका है। अब बस गिनती की बात है; नतीजे आने दीजिए। फिलहाल बंगाल की राजनीति में बयानबाजी अपने चरम पर है।
टीएमसी जहां अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है, वहीं विपक्ष बदलाव की उम्मीद लगाए बैठा है। अब असली तस्वीर मतगणना के दिन ही साफ होगी, जब यह पता चलेगा कि जनता ने किसे सत्ता की चाबी सौंपी है।