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‘UCC सेंट्रल लेवल पर क्यों नहीं लाया जा रहा, इससे भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का उल्लंघन होगा’, बंगाल में यूसीसी प्रक्रिया पर कांग्रेस ने उठाये सवाल

Adhir Ranjan Chowdhury On UCC: पश्चिम बंगाल सरकार ने UCC ड्राफ्ट बिल की समीक्षा के लिए 9 सदस्यीय समिति गठित की है। इस बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समान नागरिक संहिता लागू करनी है तो इसे पूरे देश में एक साथ लागू किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर भी चिंता जताई।
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Jul 11, 2026
UCC Bill
बंगाल में यूसीसी प्रक्रिया पर कांग्रेस का सवाल(फोटो-IANS)

West Bengal UCC Bill: पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से समान नागरिक संहिता (UCC) के ड्राफ्ट बिल की समीक्षा के लिए 9 सदस्यीय समिति गठित किए जाने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यदि UCC लागू करना ही है तो इसे अलग-अलग राज्यों में नहीं, बल्कि केंद्र सरकार को पूरे देश के लिए एक साथ लागू करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून से अल्पसंख्यकों के अधिकारों के प्रभावित होने की आशंका है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने 10 जुलाई 2026 को जारी नोटिफिकेशन में बताया कि 'यूनिफॉर्म सिविल कोड, पश्चिम बंगाल-2026' नाम से एक ड्राफ्ट बिल तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के लिए, धर्म, आस्था और समुदाय से परे, विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, वसीयत और अन्य व्यक्तिगत नागरिक कानूनों से जुड़े मामलों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है।

ड्राफ्ट बिल की समीक्षा करेगी 9 सदस्यीय समिति

राज्य सरकार ने ड्राफ्ट बिल की व्यापकता और जटिलता को देखते हुए इसकी समीक्षा के लिए नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता रिटायर न्यायाधीश रंजन प्रकाश देसाई करेंगे। यह समिति ड्राफ्ट को समझने के बाद अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी। सरकार की योजना आगामी अगस्त में होने वाले विधानसभा सत्र में इस विधेयक को पेश करने की है। हालांकि, शुरूआती जानकारी के अनुसार प्रस्तावित कानून के दायरे से आदिवासी समुदायों को बाहर रखा जा सकता है।

अधीर रंजन चौधरी ने क्या कहा?

पश्चिम बंगाल में UCC के लिए ड्राफ्ट बिल तैयार होने और समीक्षा समिति के गठन के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में UCC लागू करने के लिए लगातार कानून बनाए जा रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि समान नागरिक संहिता लागू होने से देश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार UCC लागू करना चाहती है तो इसे राज्यवार लागू करने के बजाय पूरे देश के लिए एक समान कानून के रूप में लाना चाहिए। उनके मुताबिक ऐसा कानून देश के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया और पारित किया जाना चाहिए।

Updated on:
11 Jul 2026 04:37 pm
Published on:
11 Jul 2026 04:13 pm