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Delhi Pollution: क्या है GRAP-1, 2 और 3; यह क्यों किया जाता है लागू? जानें प्रदूषण रोकने के लिए इसके नियम

GRAP Guidelines: दिल्ली-NCR में AQI 233 पहुंचने के बाद CAQM ने GRAP-1 लागू कर दिया है। जानिए GRAP-1, 2 और 3 क्या है, इसे कब लागू किया जाता है और प्रदूषण कम करने के लिए किन नियमों का पालन करना जरूरी है।
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Oct 21, 2026
Delhi Air Pollution
दिल्ली-एनसीआर मेंं GRAP-1 लागू (Photo-IANS)

Delhi Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में दशहरे के एक दिन बाद बुधवार को बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण यानी GRAP-1 को लागू करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बाद यह कदम उठाया गया है। आयोग ने संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की सख्ती से निगरानी करने और मौजूदा नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

AQI 233 दर्ज, खराब श्रेणी में दिल्ली की हवा

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 233 दर्ज किया गया। यह ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वायु गुणवत्ता बिगड़ने के कारण लोगों को प्रदूषण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने कहा कि दिल्ली-NCR के सभी संबंधित विभाग GRAP के पहले चरण के तहत निर्धारित उपायों को लागू करें, उनकी निगरानी करें और समय-समय पर समीक्षा करें। इसका उद्देश्य वायु गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोकना है।  आयोग ने लोगों से भी GRAP-1 के तहत जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

क्या है GRAP-1 और क्यों किया जाता है लागू?

GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तैयार की गई चरणबद्ध कार्ययोजना है। जब AQI 201 से 300 के बीच पहुंच जाता है, तब वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में मानी जाती है और GRAP के पहले चरण के तहत प्रदूषण नियंत्रण के उपाय लागू किए जाते हैं।

क्या है उद्देश्य? 

इस चरण का मुख्य उद्देश्य धूल, वाहनों से निकलने वाले धुएं और खुले में कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करना है। इसके तहत संबंधित एजेंसियों को सफाई और धूल नियंत्रण के उपाय तेज करने, सड़कों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा निर्माण और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर लागू नियमों की निगरानी करने जैसे कदम उठाने होते हैं।

कितना AQI किस श्रेणी में आता है?

CPCB के मानकों के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक को छह श्रेणियों में बांटा गया है:

संख्या सीमाश्रेणी
0–50अच्छा
51–100संतोषजनक
101–200मध्यम
201–300खराब
301–400बहुत खराब
401–500गंभीर

दिल्ली का AQI 233 होने के कारण शहर की हवा फिलहाल ‘खराब’ श्रेणी में है। GRAP-1 लागू होने के बाद संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वे प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी तरीके से लागू करें, ताकि वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोका जा सके।

GRAP-2 और GRAP-3 लागू होने की स्थिति

विवरणGRAP-2 (चरण 2)GRAP-3 (चरण 3)
वायु गुणवत्ता की श्रेणीबहुत खराब (Very Poor)गंभीर (Severe)
AQI स्तर301–400401–450
कब लागू होता है?जब AQI बहुत खराब स्तर पर पहुँचता है या पूर्वानुमान में वहाँ पहुँचने की आशंका होती है।जब AQI गंभीर स्तर पर पहुँचता है या पूर्वानुमान में गंभीर प्रदूषण बने रहने की आशंका होती है।
मुख्य उद्देश्यप्रदूषण को और बढ़ने से रोकनागंभीर प्रदूषण को नियंत्रित करना और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना
प्रमुख उपायसड़कों पर पानी का छिड़काव, मशीनों से सफाई, धूल नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहनGRAP-2 के उपायों के साथ निर्माण एवं तोड़फोड़ संबंधी गतिविधियों पर अतिरिक्त प्रतिबंध तथा अन्य कड़े कदम
लागू करने वाला प्राधिकरणCAQM की GRAP उप-समितिCAQM की GRAP उप-समिति

स्रोत: CAQM की GRAP व्यवस्था और AQI श्रेणियाँ।

दिल्ली में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस

प्रदूषण के बीच दिल्ली में बुधवार को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसमी औसत से कम रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

अन्य मौसम केंद्रों के आंकड़े इस प्रकार रहे:

  • पालम: 17.8 डिग्री सेल्सियस, सामान्य से 1.1 डिग्री कम।
  • लोधी रोड: 17.7 डिग्री सेल्सियस, सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक।
  • रिज: 19.1 डिग्री सेल्सियस, सामान्य से 0.4 डिग्री कम।
  • आयानगर: 17.7 डिग्री सेल्सियस, मौसमी औसत से 1.1 डिग्री कम।

IMD ने बुधवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है।

Updated on:
21 Oct 2026 04:42 pm
Published on:
21 Oct 2026 04:10 pm