
Delhi Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में दशहरे के एक दिन बाद बुधवार को बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण यानी GRAP-1 को लागू करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बाद यह कदम उठाया गया है। आयोग ने संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की सख्ती से निगरानी करने और मौजूदा नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 233 दर्ज किया गया। यह ‘खराब’ श्रेणी में आता है। वायु गुणवत्ता बिगड़ने के कारण लोगों को प्रदूषण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने कहा कि दिल्ली-NCR के सभी संबंधित विभाग GRAP के पहले चरण के तहत निर्धारित उपायों को लागू करें, उनकी निगरानी करें और समय-समय पर समीक्षा करें। इसका उद्देश्य वायु गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोकना है। आयोग ने लोगों से भी GRAP-1 के तहत जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तैयार की गई चरणबद्ध कार्ययोजना है। जब AQI 201 से 300 के बीच पहुंच जाता है, तब वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में मानी जाती है और GRAP के पहले चरण के तहत प्रदूषण नियंत्रण के उपाय लागू किए जाते हैं।
इस चरण का मुख्य उद्देश्य धूल, वाहनों से निकलने वाले धुएं और खुले में कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करना है। इसके तहत संबंधित एजेंसियों को सफाई और धूल नियंत्रण के उपाय तेज करने, सड़कों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा निर्माण और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर लागू नियमों की निगरानी करने जैसे कदम उठाने होते हैं।
CPCB के मानकों के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक को छह श्रेणियों में बांटा गया है:
| संख्या सीमा | श्रेणी |
|---|---|
| 0–50 | अच्छा |
| 51–100 | संतोषजनक |
| 101–200 | मध्यम |
| 201–300 | खराब |
| 301–400 | बहुत खराब |
| 401–500 | गंभीर |
दिल्ली का AQI 233 होने के कारण शहर की हवा फिलहाल ‘खराब’ श्रेणी में है। GRAP-1 लागू होने के बाद संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वे प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी तरीके से लागू करें, ताकि वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोका जा सके।
| विवरण | GRAP-2 (चरण 2) | GRAP-3 (चरण 3) |
|---|---|---|
| वायु गुणवत्ता की श्रेणी | बहुत खराब (Very Poor) | गंभीर (Severe) |
| AQI स्तर | 301–400 | 401–450 |
| कब लागू होता है? | जब AQI बहुत खराब स्तर पर पहुँचता है या पूर्वानुमान में वहाँ पहुँचने की आशंका होती है। | जब AQI गंभीर स्तर पर पहुँचता है या पूर्वानुमान में गंभीर प्रदूषण बने रहने की आशंका होती है। |
| मुख्य उद्देश्य | प्रदूषण को और बढ़ने से रोकना | गंभीर प्रदूषण को नियंत्रित करना और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना |
| प्रमुख उपाय | सड़कों पर पानी का छिड़काव, मशीनों से सफाई, धूल नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहन | GRAP-2 के उपायों के साथ निर्माण एवं तोड़फोड़ संबंधी गतिविधियों पर अतिरिक्त प्रतिबंध तथा अन्य कड़े कदम |
| लागू करने वाला प्राधिकरण | CAQM की GRAP उप-समिति | CAQM की GRAP उप-समिति |
स्रोत: CAQM की GRAP व्यवस्था और AQI श्रेणियाँ।
प्रदूषण के बीच दिल्ली में बुधवार को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसमी औसत से कम रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अन्य मौसम केंद्रों के आंकड़े इस प्रकार रहे:
IMD ने बुधवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है।