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कौन हैं जज शुभम वर्मा, जिन्होंने राहुल गांधी को मानहानि केस में किया बरी? जानें शिक्षा से लेकर करियर तक की पूरी जानकारी

Rahul Gandhi Defamation Case: राहुल गांधी को 2018 के मानहानि मामले में बरी करने वाले जज शुभम वर्मा कौन हैं? जानिए उनकी शिक्षा, न्यायिक करियर, पारिवारिक पृष्ठभूमि और सुल्तानपुर कोर्ट के फैसले से जुड़ी पूरी जानकारी।
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Updated: 26 Oct 2026, 3:09 PM IST
Judge Shubham Verma and rahul gandhi
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (बाएं) और जज शुभम वर्मा (Ians/allahabadhighcourt)

Who Is Judge Shubham Verma: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने साल 2018 के मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को बरी कर दिया है। दरअसल, यह मामला बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ राहुल गांधी की बयानबाजी को लेकर जुड़ा था। जिसे लेकर स्थानीय बीजेपी नेता ने मुकदमा दर्ज कराया था।

मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणी मानहानिकारक प्रकृति की नहीं थी। आइए जानते हैं कि जज शुभम वर्मा कौन हैं और उनका शैक्षणिक व न्यायिक करियर कैसा रहा है।

कौन हैं जज शुभम वर्मा?

जस्टिस शुभम वर्मा उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा के अधिकारी हैं। वह सुल्तानपुर में विशेष एमपी-एमएलए अदालत में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) के रूप में कार्यरत हैं। इस अदालत में जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई होती है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, शुभम वर्मा ने 27 फरवरी 2015 को न्यायिक सेवा में नियुक्ति प्राप्त की थी। इसके बाद 7 जनवरी 2019 को उन्हें सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर पदोन्नति और प्रथम श्रेणी अधिकारी का दर्जा मिला।

बता दें कि अपने न्यायिक करियर के दौरान वह उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सेवाएं दे चुके हैं। इनमें बस्ती, मऊ, गाजियाबाद और सुल्तानपुर जैसे जिले शामिल हैं।

SL. No.DESIGNATION / PLACEFROMTOREMARKS
1.Addl. Civil Judge (Junior Div.), Basti02-03-201507-05-2016—
2.Civil Judge (Junior Div.), Basti07-05-201608-05-2017Fast Track
3.Civil Judge (Junior Div.), Khalilabad at Basti08-05-201723-04-2018—
4.Judicial Magistrate, Mau24-04-201808-01-2019—
5.Civil Judge (Senior Div.), Mau08-01-201924-08-2019Fast Track
6.Civil Judge (Senior Div.), Mau24-08-201912-04-2021—
7.Addl. Civil Judge (Sr. Div.) / ACJM, Ghaziabad15-04-202121-11-2023—
8.Civil Judge (Senior Div.), Ghaziabad21-11-202315-04-2024—
9.Civil Judge (Senior Div.), Sultanpur18-04-202409-04-2025MP/MLA w.e.f. 17.05.2024
10.Addl. Chief Judicial Magistrate, Sultanpur09-04-202522-01-2026J.M. (Economic Offences), MP/MLA
11.Addl. Civil Judge (Sr. Div.) / ACJM, Sultanpur22-01-2026वर्तमान में कार्यरतMP/MLA

जज शुभम वर्मा की शैक्षणिक योग्यता

जज शुभम वर्मा ने कानून के साथ-साथ कला के क्षेत्र में भी उच्च शिक्षा प्राप्त की है। उनकी शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2007 में बीए, वर्ष 2010 में एलएलबी और वर्ष 2021 में एलएलएम की डिग्री हासिल की।

बता दें कि जस्टिस शुभम वर्मा मूल रूप से यूपी के देवरिया जिले के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम रविंद्र वर्मा है।

क्र. सं. (SL.)विवरण (DETAILS)श्रेणी (DIVISION)वर्ष (YEAR)
1.High SchoolSecond2002
2.IntermediateFirst2004
3.B.A.Second2007
4.LL.B.Second2010
5.LL.M.Passed2021

क्या है राहुल गांधी का मानहानि मामला?

बता दें कि राहुल गांधी के खिलाफ यह मामला बीजेपी के स्थानीय नेता विजय मिश्रा ने दर्ज कराया था। विजय मिश्रा सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं।

उन्होंने 4 अगस्त 2018 को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।

यह मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले बेंगलुरु में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक चुनावी भाषण से जुड़ा था। आरोप था कि गांधी ने अपने भाषण में सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले का जिक्र करते हुए तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का नाम जोड़ा था। इस मामले में अमित शाह को वर्ष 2014 में विशेष सीबीआई अदालत से आरोपमुक्त किया गया था।

नवंबर 2023 में राहुल गांधी को किया गया था तलब

इस मामले में राहुल गांधी को 27 नवंबर 2023 को अदालत में पेश होने के लिए तलब किया गया था। इसके बाद वह अदालत में पेश हुए और उन्हें जमानत मिल गई थी।

वहीं राहुल गांधी ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने शिकायत को राजनीतिक दुर्भावना और बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए कहा था कि इसका उद्देश्य उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना है।

Updated on:
26 Oct 2026, 3:09 PM IST
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