
Shehzad Poonawalla Resignation: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी आलाकमान को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि निजी कारणों के चलते बीजेपी छोड़ने का फैसला लिया है। हालांकि अभी तक बीजेपी और शहजाद पूनावाला की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपना एक्स बायो को भी बदल दिया है। उनके एक्स वायो में बीजेपी का जिक्र नहीं है। मौजूदा बायो में उन्होंने खुद को पीएम नरेंद्र मोदी का आजीवन समर्थक बताया है। बता दें कि शहजाद पूनावाला पीएम नरेंद्र मोदी के कट्टर समर्थक माने जाते हैं। कई टीवी डिबेट्स में उन्होंने बीजेपी का मजबूती से पक्ष रखा।
शहजाद पूनावाला का जन्म पुणे में हुआ। यहीं से उन्होंने पढ़ाई भी पूरी की। उन्होंने अपना राजनीतिक जीवन कांग्रेस से शुरू किया। शहजाद NSUI में भी सक्रिय रहे। शहजाद ने कांग्रेस पार्टी में अलग-अलग जिम्मेदारी निभाई। हालांकि 2017 में वे कांग्रेस से अलग हो गए थे। हालांकि राजनीति में आने से पहले वकील के तौर पर अपने प्रोफेशन की शुरुआत की थी।
दरअसल, 2017 में राहुल गांधी की अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया को धांधली बताते हुए वंशवाद का खुलकर विरोध किया था। जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। इसके बाद शहजाद पूनावाला बीजेपी में शामिल हो गए।
शहजाद टीवी डिबेट्स में आक्रामक अंदाज और तथ्यों पर दलील देने के लिए मशहूर रहे। उनके भाई तहसीन पूनावाला कांग्रेस समर्थक हैं, दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद सार्वजनिक रहे।
दोनों भाई 2017 से पहले कांग्रेस के लिए काफी वफादार थे और एक ही स्वर में पार्टी का पक्ष भी रखते थे। लेकिन बाद में शहजाद ने कांग्रेस के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया।
कांग्रेस छोड़ते समय शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस का आंतरिक चुनाव राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के लिए पहले से धांधली वाला था। उन्होंने कहा कि यह असली चुनाव नहीं था, बल्कि नाम के लिए था। इस दौरान शहजाद पूनावाला ने नॉर्थ कोरिया का भी उदाहरण दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में योग्यता के बजाय परिवारवाद हावी है, जिसके चलते उन्हें और कई अन्य युवाओं को उचित अवसर नहीं मिले।