
Will Dharmendra Pradhan resign: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सबसे लंबे समय तक देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। 10 जून को मोदी ने लगातार 4,399 दिनों तक इस पद पर रहने का रिकॉर्ड हासिल कर लिया। वहीं, अब उनके कैबिनेट में फेरबदल को लेकर कयास भी लगाए जा रहे हैं। बीते कुछ समय से मोदी कैबिनेट में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सुर्खियों में रहे हैं। पहले, यूजीसी न्यू रेगुलेशन, फिर NCERT किताब विवाद और अब नीट पेपर लीक व सीबीएसई परीक्षा जांच मामले में धर्मेंद्र प्रधान विपक्ष के निशाने पर हैं। मोदी सरकार पर उन्हें कैबिनेट से हटाने का बहुत दवाब है। उधर, बीते दिनों कॉकरोच जनता पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। CJP आज भी महाराष्ट्र के पुणें इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रही है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने 6 जून को मोदी सरकार को अल्टीमेटम दिया था। CJP ने कहा था कि यदि 11 जून तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते या पीएम मोदी उन्हें अपनी सरकार से बाहर का रास्ता नहीं दिखाते तो हम देशव्यापी आंदोलन करेंगे। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बीते रविवार को कहा कि नीट परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर पार्टी का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।
धर्मेंद्र प्रधान को लेकर पूर्व नौकरशाहों ने भी केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में विभाग ने बेहद लीचलापन दिखाया। इस वजह से लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। वहीं, CBSE की बोर्ड परीक्षा जांच में भी गड़बड़ी सामने आई है। कॉन्स्टिट्यूशनल कंडक्ट ग्रुप ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया में बार-बार आ रही कमियों को ठीक करने में क्यों नाकाम रही है। सरकारी शिक्षा और मेरिट सिस्टम पर इन लापरवाहियों का बहुत बुरा असर पड़ा है। ऐसे में धर्मेंद्र प्रदान को पद से हटा देना चाहिए।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रधानमंत्री नरेंद्री का बेहद खास करीबी बताया जाता है। नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान को पेट्रोलियम मंत्रालय का जिम्मा मिला था। वह मोदी 1.0 में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री (पेट्रोलियम मंत्रालय) थे। फिर 7 जुलाई 2021 से वह शिक्षा मंत्री हैं। पार्टी संगठन में भी धर्मेंद्र प्रधान को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई। वह महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार में पार्टी प्रभारी व चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।