राष्ट्रीय

Bengal Election: क्या बीजेपी में जाएंगे मनोज तिवारी? TMC से टिकट नहीं मिलने के बाद क्या बोले पूर्व क्रिकेटर

BJP offer Manoj Tiwary: TMC नेता मनोज तिवारी ने कहा कि उन्हें BJP से ऑफर मिला है, लेकिन उन्होंने अभी अपने राजनीतिक भविष्य पर कोई फैसला नहीं लिया है...
2 min read
Mar 26, 2026
Mamata Banerjee, Manoj Tiwary, West Bengal Assembly Elections 2026, TMC candidate list, BJP offer Manoj Tiwary,
TMC ने मनोज तिवारी को नहीं दिया टिकट (Photo-IANS)

Bengal Election: बंगाल विधासनभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। टीएमसी और बीजेपी ने अपने-अपने प्रत्याशियों का ऐलान भी कर दिया है। इसके साथ ही नेताओं का एक दल से दूसरे दल में जाने का भी सिलसिला भी शुरू हो गया है। इसी बीच टीएमसी की लिस्ट में पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी का नाम शामिल नहीं है। इसको लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जाने लगी। दरअसल, ममता बनर्जी ने अपने 74 विधायकों का टिकट काट दिया। 

क्या बीजेपी में शामिल होंगे मनोज तिवारी

टिकट नहीं मिलने के बाद पूर्व क्रिकेटर और राज्य मंत्री मनोज तिवारी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें BJP से ऑफर मिला है, लेकिन उन्होंने अभी अपने राजनीतिक भविष्य पर कोई फैसला नहीं लिया है, और कहा कि यह तो समय ही बताएगा। 

टीएमसी ने काटे 74 विधायकों के टिकट

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी 294 सीटों में से 291 पर चुनाव लड़ रही है। वहीं तीन सीटें अपने सहयोगियों के लिए छोड़ी है। पार्टी ने इस बार 74 विधायकों के टिकट काटे है। इसके अलावा 15 मौजूदा विधायकों की सीट भी बदली है। बताया जा रहा है ममता बनर्जी ने यह निर्णय एंटी इनकंबेंसी के चलते लिया गया है। दरअसल, इस विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी किसी भी प्रकार की कोई गलती नहीं करना चाहती है। 

कई कद्दावर नेताओं का कटा टिकट

जिन विधायकों का टिकट कटा है, उनमें कई बड़े नाम भी शामिल है। मनोज तिवारी, पार्थ चटर्जी और जीवनकृष्णा साहा का नाम भी शामिल है। इतना ही नहीं ममता ने जातिगत समीकरण को भी ध्यान में रखा है। 291 में से 149 टिकट सामान्य और ओबीसी जाति के नेताओं को दिया है और 78 टिकट अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों को दिए है। 

मुस्लिमों पर खेला दांव

ममता बनर्जी ने करीब 47 टिकट अल्पसंख्यक प्रत्याशियों को दिए है। इनमें से ज्यादातर मुस्लिम है। वहीं 52 टिकट महिलाओं को भी दिया है। दरअसल, बंगाल में करीब 27 फीसदी मुस्लिम आबादी है। इसलिए मुसलमान वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए ममता ने मुस्लिम प्रत्याशियों पर दांव खेला है। बताया जाता है कि पिछले विधानसभा चुनाव में मुस्लिम वोट बैंक की वजह से ही ममता बनर्जी एक बार फिर सत्ता पर काबिज हुई थीं।

Updated on:
26 Mar 2026 09:48 am
Published on:
26 Mar 2026 09:09 am