Wine shop at Metro station: दिल्ली की शराब नीति बीते कुछ दिनों से विवादों में है। आम आदमी पार्टी सरकार नई एक्साइज पॉलिसी को सही बता रही है। लेकिन उप राज्यपाल के दखल और बीजेपी के विरोध के बाद फिर से पुरानी आबकारी नीति को ही लागू किया है। पुरानी नीति के अनुसार दिल्ली के मेट्रो स्टेशन के पास शराब की दुकानें खुलनी शुरू हो गई है।
Wine shop at Metro station: दिल्ली में नई एक्साइज पॉलिसी पर चल रहे विवाद के बीच 1 सितंबर से पुरानी आबकारी नीति लागू हो गई है। पुरानी आबकारी नीति के वापस आने के बाद दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों के पास शराब की दुकानें खुलनी शुरू हो गई है। अभी दिल्ली में पांच मेट्रो स्टेशन पर शराब की दुकान खोली गई है। लेकिन साल के अंत तक इसकी संख्या को बढ़ाकर 200 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
दिल्ली सरकार के चार उपक्रमों - दिल्ली राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (डीएसआईडीसी), दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी), दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (डीएससीएससी) और दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक स्टोर (डीसीसीडब्ल्यूएस) को पूरे शहर में स्टोर खोलने की जिम्मेदारी चार एजेंसियों को मिली है, जो साल के अंत तक 200 और दुकानें खोलेंगी।
फिलहाल जिन मेट्रो स्टेशनों पर शराब की दुकानें खोली गई हैं उनमें राजौरी गार्डन, बदरपुर, द्वारका, मुंडका और करोल बाग शामिल हैं। इन शराब की दुकानों को अधिक बिक्री के उद्देश्य से खोला गया है क्योंकि मेट्रो स्टेशनों पर अधिक भीड़ होती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली सरकार ने सोमवार से शहर भर में 300 आउटलेट के साथ सेवा शुरू करने की योजना बनाई है और बाद में साल के अंत तक आउटलेट की संख्या 700 तक बढ़ाई जा सकती है।
हालांकि, शहर में सोमवार से लगभग 500 आउटलेट होने की उम्मीद थी। लगभग 80 थोक विक्रेताओं ने पहले ही विभाग में पंजीकरण करा लिया है। हालांकि, उपभोक्ता 500 अलग-अलग ब्रांडों में से चुनने में सक्षम होंगे। बता दें कि बीते दिनों उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने नई आबकारी नीति की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। जिसके बाद दिल्ली सरकार ने शहर में खुदरा शराब बिक्री की पुरानी व्यवस्था में वापस जाने का फैसला किया है।
हालांकि, आबकारी नीति 2021-22, जिसे 31 मार्च के बाद दो बार दो-दो महीने की अवधि के लिए बढ़ाया गया था, 31 जुलाई को समाप्त हो गई। लेकिन बाद में इसे आबकारी नीति की पुरानी व्यवस्था से पहले तैयार करने के लिए एक महीने का विस्तार दिया गया, जो एक सितंबर से शुरू हो गई है। मेट्रो स्टेशन परिसर पर शराब की दुकानें खोली जाने को लेकर कुछ लोग विरोध में भी दिख रहे हैं। कई लोगों ने इसे महिला सुरक्षा को लेकर खतरनाक बताया है।