Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल लोकसभा में दो तिहाई बहुमत न मिलने से पास नहीं हो सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि यह सरकार की विफलता नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर देश को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया।
Women Reservation Bill: संसद के इस बजट सत्र के दौरान पेश किया गया महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पारित नहीं हो सका, जो अब एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है। सरकार और विपक्ष दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और इसे लोकतंत्र तथा महिलाओं के अधिकारों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसी कड़ी में अब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू का इस मामले पर बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस बिल के पास नहीं होने को सरकार की विफलता नहीं माना जाना चाहिए। रिजिजू ने इस दौरान कांग्रेस पर देश को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अपने रुख के कारण यह ऐतिहासिक अवसर खो गया।
संसदीय कार्य मंत्री ने बजट सत्र खत्म होने के बाद शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि बजट सत्र को तीन दिन, 16,17 और 18 अप्रैल के लिए बढ़ाया गया और इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन विधेयक पेश किए गए। उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास बहुमत है लेकिन संविधान संसोधन के लिए आवश्यक 2/3 बहुमत नहीं मिल सका। रिजिजू ने आगे कहा कि कांग्रेस को इसके लिए महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस के इस बिल के पास न होने पर खुशी मनाने के सवाल पर रिजिजू ने कहा कि यह उनकी महिला विरोधी मानसिकता का प्रतीक है।
बता दें लोकसभा में पेश किया गया यह महिला आरक्षण बिल आवश्यक दो तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका। कुल 298 सांसदों ने इसके पक्ष में मतदान किया, जबकि 230 ने विरोध किया, जिसके चलते बिल पास न हो सका। सरकार के अनुसार यह बिल महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक बड़ा कदम था, हालांकि विपक्ष ने इसे चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश बताते हुए इसका समर्थन नहीं किया जिसके चलते बिल सदन में पास नहीं हुआ।
दूसरी तरफ विपक्षी दलों ने बिल के पारित न होने को लोकतंत्र की जीत बताया है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, जो हुआ वह लोकतंत्र की बड़ी जीत है। सरकार की संघीय ढांचे को बदलने और लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश को रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस बिल के जरिए सत्ता में बने रहने की रणनीति बना रही थी। विपक्ष का कहना है कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इसे जनगणना और डिलिमिटेशन प्रक्रिया से जोड़ना गलत है।
रिजिजू के साथ-साथ अन्य बीजेपी नेताओं ने भी इस मामले को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने महिलाओं की आकांक्षाओं को कुचलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि संसद में जिस तरह विपक्ष ने इस बिल के गिरने पर प्रतिक्रिया दी, वह महिलाओं के प्रति उनकी सोच को दर्शाता है। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि कुछ दलों ने राजनीतिक कारणों से इस सुधार को रोक दिया और इसका राजनीतिक असर उन्हें भुगतना पड़ेगा।