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विदेश गए भारतीयों ने बना दिया रिकॉर्ड, सबसे ज्यादा पैसा भेजने में भारत नंबर-1

World Migration Report 2026: विदेशों में रहने वाले भारतीयों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत को 2024 में विदेशों से सबसे ज्यादा 137 अरब डॉलर मिले। सबसे ज्यादा भारतीय अमेरिका और यूएई में रह रहे हैं।

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सबसे ज्यादा यूएई फिर यूएस जा रहे भारतीय (सोर्स-पत्रिका)

World Migration Report 2026: दुनियभार में प्रवासन लगातार बढ़ रहा है और इसमें भारत की भूमिका बेहद अहम बनी हुई है। चाहे वह श्रमिकों के रूप में हो, छात्रों के रूप में या उच्च कौशल वाले पेशेवरों के रूप में, भारतीयों की पहुंच हर कहीं हैं। वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत के लोग सबसे ज्यादा संयुक्त अरब अमीरता (यूएई) और उसके बाद अमरीका में जाकर बस रहे हैं। भारत से जुड़े ये दो बड़े माइग्रेशन कॉरिडोर दुनिया के टॉप 10 में शामिल रहे:

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यूएई में 30 लाख से ज्यादा भारतीय

भारत से लोगों का यूएई जाना दुनिया के पांचवां सबसे बड़ा माइग्रेशन कॉरिडोर है। यहां मुख्य रूप से प्रवासी श्रमिक काम के लिए जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यूएई में 80 लाख से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रवासी रहते हैं, जो देश की कुल आबादी का लगभग 74% हैं। इनमें भारतीयों की संख्या 30 लाख से अधिक है, जो वहां की सबसे बड़ी प्रवासी आबादी हैं।

अमरीका में 32 लाख भारतीय प्रवासी

भारत और अमरीका माइग्रेशन कॉरिडोर दुनिया में छठे स्थान पर है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में अमरीका में लगभग 32 लाख भारतीय प्रवासी रह रहे थे, जो वहां का दूसरा सबसे बड़ा विदेशी मूल का समूह है। पहले स्थान पर मेक्सिको के लोग हैं। हालांकि, अन्य एजेंसियों के अनुमान के मुताबिक, अमरीका में भारतीय मूल के लोगों की कुल संख्या करीब 50 लाख तक मानी जाती है। भारतीय समुदाय राजनीतिक रूप से भी सक्रिय भूमिका में है।

सबसे ज्यादा रेमिटेंस पाने वाले देश

भारत 2024 में 137 अरब डॉलर पाकर दुनिया में सबसे ज्यादा रेमिटेंस हासिल करने वाला देश बना। 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार करने वाला भारत इकलौता देश है।

देश2024 में प्राप्त राशि (अरब डॉलर में)
भारत137
मेक्सिको68
फ्रांस37
फिलीपींस40
  • 30.4 करोड़ लोग अपने मूल देश से बाहर रह रहे
  • वैश्विक आबादी में अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों की हिस्सेदारी 1990 में 2.9% से बढ़कर 2024 में 3.7% हुई।

रेमिटेंस का मतलब

रेमिटेंस यानी कामगारों द्वारा देश भेजे जाने वाले पैसों में साल दर साल बढ़ोतरी हुई है। भारत ने सभी को पछाड़ा।

भारत: हर साल बढ़ोतरी

वर्षराशि (अरब डॉलर)
201053.48
201568.91
202083.15
2024137.67

दुनिया के सबसे बड़े माइग्रेशन कॉरिडोर

  1. मेक्सिको से अमरीका: करीब 1.1 करोड़ लोग
  2. अफगानिस्तान से ईरान: 37 लाख से अधिक संख्या
  3. सीरिया से तुर्किये: 35 लाख से अधिक

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Published on:
07 May 2026 01:40 pm
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