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जोहरान ममदानी का भारत के इस शहर से क्या है कनेक्शन

Zohran Mamdani Odisha Roots: जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के सबसे युवा मेयर बने, जिनकी मां मीरा नायर का जन्म ओडिशा के राउरकेला में हुआ था। नवीन पटनायक ने एक्स पर बधाई दी, जिससे ओडिशा की मिट्टी से वैश्विक सफलता की कहानी सुर्खियों में आई।

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Nov 05, 2025
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी। (फोटो: द वॉशिंगटन पोस्ट.)

Zohran Mamdani Odisha Roots: न्यूयॉर्क सिटी के नए मेयर जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani Odisha Roots) की जीत ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस 34 साल के युवा लीडर की जड़ें भारत के ओडिशा राज्य के राउरकेला शहर (NYC Mayor Indian Heritage) से भी जुड़ी हुई हैं ? जोहरान का जन्म युगांडा के कंपाला में 1991 में हुआ था, लेकिन उनकी मां मशहूर फिल्ममेकर मीरा नायर का बचपन राउरकेला की धरती पर बीता। यह कनेक्शन न सिर्फ पारिवारिक है, बल्कि ओडिशा के औद्योगिक इतिहास से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। ओडिशा की मिट्टी ने एक वैश्विक नेता को प्रेरित किया। मीरा नायर का जन्म 1957 में राउरकेला (Mira Nair Rourkela Connection) में ही हुआ था। उनके पिता अमृतलाल नायर एक प्रमुख आईएएस अधिकारी थे, जिन्होंने 1950 के दशक में राउरकेला स्टील प्लांट की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। यह प्लांट ओडिशा का गौरव है, जो राज्य को औद्योगिक पटल पर मजबूत बनाता है।

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मीरा ने अपना बचपन राउरकेला और भुवनेश्वर में बिताया

अमृतलाल नायर की वजह से राउरकेला में नायर स्टेडियम और नायर चौक जैसे स्थानों का नाम उनके सम्मान में रखा गया। मीरा ने अपना बचपन राउरकेला और भुवनेश्वर में बिताया, जहां उन्होंने इस्पात इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाई की। यह स्कूल आज भी एलुमिनाई के बीच चर्चा का विषय है, क्योंकि मीरा की सफलता ने पूरे शहर को गर्व महसूस कराया। जोहरान के लिए यह विरासत एक प्रेरणा स्रोत बनी, जो सामाजिक न्याय और बदलाव की उनकी राजनीति में झलकती है। जोहरान के पिता मेहमूद ममदानी एक प्रसिद्ध यूगांडाई-अमेरिकी विद्वान हैं, जो कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाते हैं।

मीरा की मुलाकात मेहमूद से हुई

मीरा और मेहमूद की मुलाकात 1989 में युगांडा में हुई, जब मीरा अपनी फिल्म 'मिसिसिपी मसाला' की रिसर्च कर रही थीं। दो साल बाद 1991 में जोहरान का जन्म हुआ। परिवार की जिंदगी घुमक्कड़ी वाली रही – युगांडा से केप टाउन, फिर सात साल की उम्र में न्यूयॉर्क शिफ्ट। लेकिन ओडिशा का प्रभाव कभी कम नहीं हुआ। जोहरान हिंदी बोलते हैं, बॉलीवुड फिल्में पसंद करते हैं और अपनी मां की फिल्मों से प्रेरित होकर सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाते हैं। उनकी मां की हिट फिल्में जैसे 'सलाम बॉम्बे' और 'मॉनसून वेडिंग' ने गरीबी, प्रवास और परिवार की कहानियों को दुनिया के सामने रखा, जो जोहरान की प्रोग्रेसिव पॉलिसी में दिखता है।

जोहरान ने इतिहास रचा

न्यूयॉर्क मेयर चुनाव में जोहरान ने इतिहास रच दिया। डेमोक्रेटिक प्राइमरी में जून 2025 में उन्होंने सरप्राइज जीत हासिल की, फिर नवंबर में पूर्व गवर्नर एंड्र्यू क्यूमो और रिपब्लिकन कर्टिस स्लिवा को हरा कर मेयर बने। वे न्यूयॉर्क के सबसे युवा मेयर हैं और पहले साउथ एशियन-मुस्लिम मेयर। उनकी जीत का राज था – फ्री बस राइड्स, यूनिवर्सल चाइल्डकेयर, रेंट फ्रीज और अमीरों पर टैक्स। जीत के भाषण में उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 'ट्रस्ट विद डेस्टिनी' स्पीच का हवाला दिया, जो ओडिशा कनेक्शन को और मजबूत करता है। न्यूयॉर्कर्स ने उम्मीद की जीत का जश्न मनाया, जहां जोहरान ने कहा, "आज हम पुराने से नए की ओर कदम बढ़ रहे हैं।"

नवीन पटनायक ने एक्स पर जोहरान को बधाई दी (Naveen Patnaik Zohran Congrats)

ओडिशा में इस जीत की खुशी का ठिकाना नहीं। राउरकेला के लोग, खासकर इस्पात स्कूल के अलुम्नाई, प्रार्थना कर रहे थे। जयदेव महापात्रा जैसे पूर्व छात्रों ने कहा, "यह हमारी अल्मा मेटर का गर्व है।" इस मौके बीजू जनता दल के सुप्रीमो और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने एक्स पर जोहरान को बधाई दी। उन्होंने लिखा, "ओडिशा जोहरान की वैश्विक सफलता पर जश्न मना रहा है। राउरकेला में जन्मी मीरा नायर के बेटे के रूप में वे पहले इंडियन-अमेरिकन मेयर बने। शुभकामनाएं।" यह ट्वीट वायरल हो गया, जो दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक पुल का प्रतीक है। ओडिशा सरकार के अधिकारी भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हुए, जहां बाली यात्रा फेस्टिवल को न्यूयॉर्क में ले जाने का सुझाव आया।

ओडिशा की मिट्टी से निकले सपने दुनिया के क्षितिज पर चमके

बहरहाल जोहरान की जीत ओडिशा के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोलती है, जैसे सांस्कृतिक एक्सचेंज या निवेश के मौके। राउरकेला स्टील सिटी से निकली यह फैमिली आज दुनिया को सिखा रही है कि सामाजिक न्याय और कल्चर का मेल कितना ताकतवर होता है। भविष्य में जोहरान ओडिशा का दौरा कर सकते हैं, जो दोनों जगहों के लिए यादगार होगा। कुल मिलाकर, यह जीत साबित करती है कि ओडिशा की मिट्टी से निकले सपने दुनिया के क्षितिज पर चमक सकते हैं।

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