
Neemuch Missing Girl Murder Case: मध्यप्रदेश में नीमच जिले में रहस्यमयी ढंग से लापता हुई युवती का कंकाल सात दिन बाद मिलने से सनसनी फैल गई। गांधीसागर क्षेत्र के जंगल में मानव कंकाल मिलने के बाद पुलिस युवती के परिजनों को मौके पर लेकर गई थी। जहां परिजनों ने पायल और कपड़ों को देखकर युवती की शिनाख्त की है। युवती का नरकंकाल मिलने के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
नीमच जिले के सालरमाला गांव के रहने वाले निवासी गोपाल ने 12 जून को अपनी बेटी जानीबाई को उसके ससुराल रावतभाटा भेजने के लिए बस में बैठाया था। पिता ने बाकायदा रावतभाटा तक का टिकट दिलवाया और बस कंडक्टर को भी उसे सुरक्षित उतारने की जिम्मेदारी सौंपी थी। यात्रा के दौरान गांधीसागर तक परिजनों का युवती से मोबाइल पर संपर्क बना रहा, लेकिन इसके बाद अचानक उसका फोन बंद हो गया और उससे संपर्क पूरी तरह टूट गया। जब परिजनों ने रावतभाटा स्थित ससुराल पक्ष से संपर्क किया तो पता चला कि जानीबाई वहां पहुंची ही नहीं थी।
इसके बाद परिवार के लोगों ने रावतभाटा सहित आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बढ़ती चिंता के बीच परिजनों ने रामपुरा थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई और अपहरण अथवा अनहोनी की आशंका जताई। परिजनों का आरोप है कि तलाश के दौरान गांधीसागर क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर गांव का ही एक युवक बल्लू अपनी मोटरसाइकिल से उस बस का पीछा करता दिखाई दिया,जिसमें जानीबाई सफर कर रही थी। इस आधार पर परिवार ने 13 जून को ही पुलिस को उक्त युवक के संबंध में जानकारी देते हुए संदेह व्यक्त किया था। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते संदिग्ध से सख्ती से पूछताछ करती और मामले को गंभीरता से लेती तो शायद युवती की जान बच सकती थी।
गुमशुदगी के सात दिन बाद 19 जून को पुलिस परिजनों को गांधीसागर के समीप एक सुनसान जंगल क्षेत्र में ले गई, जहां एक मानव कंकाल, कुछ कपड़े और एक पैर की पायजेब बरामद हुई। मौके पर मौजूद परिजनों ने कपड़ों और पायजेब के आधार पर उसकी पहचान जानीबाई के रूप में की। जंगल में कंकाल मिलने की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और नीमच-झालावाड़ मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
मृतका के पिता गोपाल ने रोते हुए आरोप लगाया कि पुलिस की धीमी कार्यप्रणाली के कारण उनकी बेटी की जान चली गई। ग्रामीणों ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं होगी तो लोगों का कानून व्यवस्था पर से विश्वास उठ जाएगा चक्काजाम और बढ़ते जनआक्रोश की सूचना मिलते ही प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने बताया कि मामले में तकनीकी साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर गहन जांच की जा रही है तथा एक संदिग्ध युवक को राउंडअप कर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।