MP News: वीडियो सामने आने के बाद रेस्क्यू करने पहुंचे अधिकारी तो हड्डियों का ढांचा बन चुकी महिला बोली- 'मुझे खाना दे दो'।
MP News: मध्यप्रदेश के नीमच से दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, यहां सिटी थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में एक घर से महिला का गंभीर हालत में रेस्क्यू किया गया है। लाचार महिला को उसके पति ने तड़पने के लिए भीषण गर्मी में छत पर छोड़ दिया था। भूख-प्यास से महिला का शरीर काफी दुबला हो चुका है और वो हड्डियों का ढांचा बन चुकी है। किसी ने महिला का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था और जब ये वीडियो अधिकारियों तक पहुंचा तो महिला का रेस्क्यू करने के लिए टीम घर पर पहुंची। अधिकारियों के आवाज देने पर महिला ने पहला शब्द कहा मुझे खाना दे दो भूख लगी है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया।
सिटी थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में रहने वाले अजित सोनी की 40 वर्षीय पत्नी सीमा सोनी का घर की छत से गंभीर हालत में रेस्क्यू किया गया है। सीमा सोनी के लाचार होने पर पति अजित सोनी सात फेरों के वचन भूल गया और लाचार पत्नी सीमा को घर की छत पर भीषण गर्मी में तड़पने के लिए एक चादर और खटिया के सहारे छोड़ दिया था। धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों के बीच संघर्ष कर रही सीमा धीरे-धीरे कंकाल बन रही थी और उसका शरीर हड्डियों का ढांचा बन चुका था।
धूप में तड़प रही महिला का मामला उस वक्त संज्ञान में आया जब इलाके में ही रहने वाले किसी व्यक्ति ने छत पर दिन काट रही लाचार महिला का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होते ही अधिकारियों तक पहुंचा और उन्होंने मामले पर संज्ञान लिया। सिटी पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग और सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और महिला का रेस्क्यू कर उसे अस्पताल पहुंचाया। जब रेस्क्यू टीम छत पर पहुंची तो महिला की हालत देख उनकी आंखों से भी आंसू छलक पड़े। पड़ोसियों ने बताया कि सीमा पहले बेहद व्यवहारिक, सुंदर और सुशील महिला थी। पिछले तीन से चार वर्षों से वह आसपास के लोगों को दिखाई नहीं दी। किसी को अंदेशा नहीं था कि वह इतनी भयावह स्थिति में जीवन गुजार रही है।
जब रेस्क्यू टीम मकान की छत पर पहुंची और आवाज दी तो लाचार हालत में बिस्तर पर पड़ी सीमा सोनी के मुंह से पहला शब्द निकला- मुझे खाना दे दो भूख लगी है। ये शब्द सुनकर वहां मौजूद अधिकारियों और अन्य लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। तुरंत महिला सीमा सोनी का रेस्क्यू कर उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसका इलाज जारी है। महिला का शरीर काफी दुबला हो चुका है, इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि महिला लंबे समय से कुपोषण और उपेक्षा का शिकार रही है।
यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। जब एक पति सात फेरे लेकर पत्नी को घर लाता है, तो वह सातों वचनों को निभाने का संकल्प भी लेता है। लेकिन यहां जिस तरह से एक पत्नी को इस हालत में छोड़ दिया गया, वह न केवल रिश्तों की मर्यादा को तोड़ता है, बल्कि इंसानियत पर भी सवाल खड़ा करता है।फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और महिला के बेहतर उपचार व पुनर्वास की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। यह घटना हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है कि आखिर रिश्तों की जिम्मेदारी और मानवता का मूल्य आज कहां खोता जा रहा है।