Pandit Pradeep Mishra Katha - Hospital will be built in Shiv Mahapuran -प्रशासन ने शिव महापुराण कथा की अनुमति दे दी।
नीमच के मनासा में विख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा Pandit Pradeep Mishra Katha की शिव महापुराण कथा पर छाए संकट के बादल छंट गए हैं। प्रशासन ने आचार संहिता के साथ ही कथास्थल पर अपर्याप्त व्यवस्थाओं की बात कहते हुए आयोजन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद आयोजक सक्रिय हुए और विधायक अनिरूद्ध माधव मारू ने भी सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर समुचित व्यवस्थाएं जुटाने का भरोसा भी दिलाया। इसके बाद प्रशासन ने शिव महापुराण कथा की अनुमति दे दी।
खास बात यह है कि अब जहां जहां पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा होगी, वहां वहां अस्पताल भी बनाए जाएंगे। मनासा Manasa से ही इसकी शुरुआत हो रही है।
पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा Pandit Pradeep Mishra Katha 1 अप्रैल से प्रारंभ होगी और 07 अप्रैल तक चलेगी। मनासा के कचेलिया देवड़ा परिवार द्वारा यह आयोजन कराया जा रहा है। पंडित मिश्रा की कथा में लाखों भक्त आते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की जा रहीं हैं।
इससे पूर्व सीहोर वाले अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की महा शिवपुराण कथा पर प्रशासन ने रोक लगा दी थी। प्रशासन का कहना था कि कथा स्थल का जब मुआयना किया गया तो पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं पाई गईं। इसके बाद कथा निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया।
प्रशासन के आदेश में कहा गया था कि वर्तमान परिस्थितियों में कथा के लिए अनुमति नहीं दी जा सकती है। पुलिस के प्रतिवेदन में शिव महापुराण कथा को आगे कभी आयोजित करने की बात कही गई।
दरअसल प्रतिकूल मौसम और अपर्याप्त व्यवस्थाओं के कारण यहां आनेवाली लाखों की भीड़ के स्वास्थ्य को खतरा रहने का अंदेशा था। ऐसे में जनहानि की भी आशंका थी। कथा की अनुमति निरस्त किए जाने के बाद आयोजकों, विधायक और नगर के गणमान्य लोगों ने प्रशासन से पर्याप्त व्यवस्थाएं करने का वादा किया जिसके बाद अनुमति दी गई।
गर्मियों में लाखों श्रोताओं के एकत्रित हो जाने से कई लोगों की तबियत बिगड़ जाती है, इससे पुलिस प्रशासन की सांसें भी सांसत में रहती हैं।यह दिक्कत दूर करने के लिए प्रशासन से किए गए वादे के अनुसार अब कथा स्थल पर स्वास्थ्य सुविधाएं भी दी जाएंगी।
कथास्थल पर पेयजल के साथ 250 से ज्यादा शौचालयों की भी व्यवस्था की जा रही है। श्रोताओं की सुविधा के लिए कथा स्थल के लिए आधा दर्जन रास्ते बनाए गए हैं। यहां आनेवाले भक्तों की सुविधा के लिए 5 हजार स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे।
यहां अस्थायी अस्पताल भी बनाया जाएगा। इस अस्पताल में 20 बेड रहेंगे जहां कई डॉक्टर्स के साथ सहायक स्टाफ भी रहेगा। कथा पंडाल परिसर में करीब डेढ दर्जन डॉक्टर्स उपस्थित रहेंगे यहां कई नर्स भी रहेंगी।
इतना ही नहीं, अब गर्मियों में जहां भी पंडित प्रदीप मिश्रा कथा करेंगे, वहां अस्थायी अस्पताल बनाए जाएंगे। यहां गंभीर मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा सकेगा। इन अस्पतालों में डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ को भी तैनात किया जाएगा।