नीमच

दसवीं फेल झोलाछाप डॉक्टर कर रहा था उपचार, मासूम की गई जान

घटना के बाद डॉक्टर हुआ फरार, बीएमओ ने किया क्लिनिक सील, बिना जांच के क्लिनिक संचालक पर जिम्मेदारों पर उठे रहे सवाल
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Jul 14, 2026
Neemuch Breaking News
मासूम की मौत के बाद प्रशासन ने किया क्लिनिक सील।

नीमच. जिले के सिंगोली तहसील मुख्यालय पर अवैध रूप से संचालित हो रहे क्लिनिक में नौसिखिया झोलाछाप डॉक्टर आम जनता की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में 10वीं फेल झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से 8 जुलाई को एक मासूम को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। मासूम की मौत के बाद जिम्मेदार नींद से जागे और घटना के तीन दिन बार क्लिनिक सील किया। सीलिंग कार्रवाई के दौरान प्रभारी बीएमओ डॉ. मोहन मुजाल्दे, डॉ. इतेश व्यास, प्रधान आरक्षक विशाल गंगवाल और स्वास्थ विभाग के कर्मचारी मौजूद थे।

ड्रिप चढ़ाने से अत्यधिक बिगड़ी तबीयत
जानकारी देते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि अंसार पिता शाहिद मेव 14 वर्ष निवासी माता खेड़ा ग्राम पंचायत फुसरिया 8 जुलाई को सिंगोली स्थित श्री धाकड़ क्लिनिक पर अपनी मां का इलाज करवाने के लिए आया था। इस दौरान उसे भी हाथ-पैर दर्द और बुखार महसूस हुआ तो उसने क्लिनिक संचालक से गोली देने को कहा। झोलाछाप डॉ. विनोद धाकड़ ने लालच के चलते उसे गोली देने के बजाय बॉटल लगा दी। ड्रिप लगाने के थोड़ी देर बाद ही अंसार की हालत ज्यादा बिगडऩे लगी तो विनोद धाकड़ ने परिजनों को उसे आगे ले जाने को कहा। परिजन उसे भीलवाड़ा राजस्थान के एक हॉस्पिटल में ले गए। वहां डॉक्टर को पूरी घटना से अवगत करवाया। भीलवाड़ा के डॉक्टर ने अंसार को दी गई दवा की जानकारी लेने के लिए विनोद धाकड़ को फोन लगाया तो उसने फोन रिसीव ही नहीं किया। परिजनों ने जैसे तैसे संपर्क कर दी गई दवा की जानकारी ली लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अंसार जीवन की जंग हारते हुए झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही की भेंट चढ़ चुका था। हालांकि परिजनों ने पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई और न ही अंसार का पोस्टमार्टम करवाया। 11 जुलाई को परिजनों द्वारा स्वास्थ्य विभाग आवेदन देकर पूरी घटना से अवगत कराया। यह भी बताया कि डॉ. धाकड़ द्वारा गलत बोतल और गलत इंजेक्शन लगाने से ही उनके बच्चे की मौत हुई है।

दसवीं फेल डॉक्टर कर जान से खिलवाड़
अंसार की मौत के बात झोलाछाप डॉ. विनोद धाकड़ की पोल खुली। यह सच्चाई सामने आई कि विनोद धाकड़ दसवीं में तीन बार फैल हुआ था। पढ़ाई छोड़ विनोद ने राजस्थान में किसी डॉक्टर के यहां कुछ समय रहकर इंजेक्शन लगाना ओर गोली दवाई के बारे में आधी अधूरी जानकारी ली थी। सिंगोली के मुख्य चौराहे पर क्लिनिक खोलकर लोगों की जान से खिलवाड़ करने लगा। घटना के पांच दिन और परिजनों द्वारा घटना के संबंध में आवेदन देने के तीन दिन बाद स्वास्थ विभाग हरकत में आया। सोमवार सुबह 11 बजे करीब सिंगोली तिलस्वां रोड स्थित श्री धाकड़ क्लिनिक को सील करने की कार्रवाई की गई। मृतक के परिजनों ने आवेदन देकर विनोद धाकड़ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

इनका कहना है
हमने श्री धाकड़ क्लिनिक को सील कर दिया है। आगे की कार्रवाई के लिए तहसीलदार और पुलिस को लिखा है। विभाग द्वारा आगे भी सभी निजी क्लिनिकों की जांच कर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. मोहन मुजाल्दे, बीएमओ

स्वास्थ विभाग द्वारा श्री धाकड़ क्लिनिक सील करने के बाद संचालक विनोद धाकड़ के खिलाफ कार्रवाई हेतु आवेदन दिया है। मृतक के परिजनों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जितेंद्र वर्मा, थाना प्रभारी सिंगोली

Updated on:
14 Jul 2026 11:57 am
Published on:
14 Jul 2026 11:57 am