नीमच

MP में BJP विधायक ने बेटे-बेटी के नाम कराई आदिवासी की जमीन, कलेक्टर पर उठे सवाल

Tribal land deal: आदिवासी भील की हाईवे किनारे जमीन भाजपा विधायक के बेटे-बेटी के नाम बिकने पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने नियमों की अनदेखी के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
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Feb 27, 2026
Tribal land deal in the name of BJP MLA Dilip Singh Parihar son daughter congress mp news
आदिवासी की जमीन खरीदकर संचालित कर रहे पेट्रोल पंप। (फोटो- Patrika.com)

MP News: विधानसभा में गुरुवार को कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के सवाल पर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा था 2009 से 2023 के बीच आदिवासियों की 1500 एकड़ जमीन तत्कालीन समय में कलेक्टर व अपर कलेक्टर ने विक्री की मंजूरी दे दी। इन अधिकारियों में नीमच के तत्कालीन कलेक्टर भी शामिल रहे है, जिन्होंने आदिवासी की अहस्तातरणीय जमीन को नीमच के भाजपा विधायक दिलीप सिंह परिहार के बेटे-बेटी को बिक्री करने की मंजूरी दे दी थी।

महू-नीमच हाईवे से लगी इस भूमि पर पेट्रोल पंप चल रहा हैं। हाइवे से लगी आदिवासी भील की जमीन को मात्र 25 लाख 46 हजार रूपए में खरीदा है। जनप्रतिनिधि अपने प्रभाव को किस तरह से उपयोग करते हैं इसकी एक बानगी नीमच विधायक के संदर्भ में देखने को मिली है।

कलेक्टर के आदेश पर विक्रय

एक माह के भीतर नामांतरण नीमच के तत्कालीन कलेक्टर जितेन्द्र सिंह राजे के 23 दिसंबर 2020 को जारी आवेश से लालुराम भील व प्रेमबाई ने अपनी कृषि भूमि सर्वे नंबर 181 रकबा 0.09 है। सर्वे नंबर 186/1 रकबा 0.34 है. कुल रकबा 0.43 जनप्रतिनिधिर विधायक को बेची थी। चूंकि जमीन विधायक के बेटे-बेटी ने खरीवी, तो प्रशासनिक तंत्र भी सक्रिय हो गया। जहां लोगों को कृषि भनि का नामवरण कराने में महीनों का समय लग जाता है वहीं विधायक की जमीन का नामांतरण एक माह के अंदर कर दिया गया।

सरकारी रिकॉर्ड में अहस्तांतरणीय भूमि लिखा था

नायब तहसीलदार ने दी मंजूरी

जनवरी 2021 को तत्कालीन नायब तहसीलदार 21 नीमच रश्मि श्रीवास्तव ने विधायक के बेटे यशराज और बेटी हर्पना के नाम उक्त जमीन का नामांतरण स्वीकृत कर दिया। हाइवे से लगी जिस जमीन पर पेट्रोल पंप संचालित हो रहा है, वहां कीमतें आसमान छू रही है। आदिवासी से औने-पौने दाम पर जमीन खरीदने के भी आरोप है। जानकारों का कहना है कि यदि आदिवासी को पट्टा मिले दस साल से अधिक का समय हो गया है तो वह उसे बेच सकता है। इस प्रकरण में आदिवासी भील और विधायक परिहार द्वारा नियमों का पालन किया गया है या नहीं इसकी जांच की मांग अब कांग्रेस कर रही है।

नायब तहसीलदार ने किया था नामांतरण

कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप

आदिवासी की जमीन जबरन खरीदी गई है है। नीमच विधायक एक संवैधानिक पद पर हैं। उन्हें सभी के हितों को ध्यान में रखना चाहिए। इस मामले में जांच की मांग कलेक्टर से की है।- तरुण बाहेती, जिलाध्यक्ष कांग्रेस

भाजपा विधायक ने दी सफाई

पेट्रोल पंप की जमीन को कोई विवाद नहीं है। पूरा रिकॉर्ड शासकीय दस्तावेजों में है। जिसे रिकॉर्ड देखना है या जांच कराना है करा सकता है। मेरे परिवार को कारोबार करने का अधिकार है।- विलीपसिंह परिहार, विधायक, नीमच (MP News)

Updated on:
27 Feb 2026 11:48 pm
Published on:
27 Feb 2026 11:48 pm