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नीमच में कॉलेज कक्ष बना छात्र राजनीति का अखाड़ा

लेक्चर के बीच राजनीति, एबीवीपी-एनएसयूआई कार्यकर्ताओं में तीखी नोकझोंक, लॉ कॉलेज में सियासी संग्राम, कैंपस में राजनीतिक गतिविधियों पर रोक
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नीमच

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Mukesh Sharaiya

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Updated: 28 May 2026, 11:52 AM IST

Neemuch Breaking News

कॉलेज परिसर में नारेबाजी करते हुए छात्र।

लेक्चर के बीच राजनीति, एबीवीपी-एनएसयूआई कार्यकर्ताओं में तीखी नोकझोंक, लॉ कॉलेज में सियासी संग्राम, कैंपस में राजनीतिक गतिविधियों पर रोक

नीमच. शहर के ज्ञान मंदिर लॉ कॉलेज में मंगलवार को छात्र संगठनों के बीच उस समय विवाद की स्थिति निर्मित हो गई, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े कुछ छात्र चल रही क्लास में पहुंचकर विद्यार्थियों को संबोधित करने लगे। इस दौरान एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी हो गई। कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

विवाद बढऩे पर कॉलेज प्रबंधन ने की बैठक
जानकारी के अनुसार कॉलेज में नियमित लेक्चर चल रहे थे, तभी एबीवीपी कार्यकर्ता कक्षा में पहुंचे और विद्यार्थियों के बीच अपनी बात रखने लगे। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने इसे शैक्षणिक वातावरण में हस्तक्षेप बताते हुए विरोध दर्ज कराया। मामला बढऩे पर कॉलेज प्राचार्य को इसकी शिकायत की गई। स्थिति को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने दोनों पक्षों को चर्चा के लिए बुलाया। समझाइश देकर मामला शांत कराया। एनएसयूआई छात्र नेता यश लोहार ने बताया कि प्राचार्य और कॉलेज ट्रस्टी के साथ हुई चर्चा में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में परिसर में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि को अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही किसी भी छात्र के साथ उसकी विचारधारा या व्यक्तिगत आधार पर भेदभाव अथवा टारगेट करने जैसी स्थिति नहीं बनने दी जाएगी।

फिर राजनीतिक एजेंडा थोपा को होगा विरोध
यश लोहार ने यह भी कहा कि कॉलेज में किसी प्रकार की संविधान विरुद्ध ‘मोरल पॉलिसिंग’ नहीं होने देने का भरोसा भी प्रबंधन द्वारा दिया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल एनएसयूआई ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है, लेकिन यदि भविष्य में किसी संगठन द्वारा कैंपस में राजनीतिक एजेंडा थोपने का प्रयास किया गया तो उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे सामाजिक न्याय, संविधान और ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हैं। वहीं कॉलेज प्रशासन ने पूरे मामले में शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया है।