Delhi Assembly Winter Session: दिल्ली में शीतकालीन विधानसभा सत्र की हंगामेदार शुरुआत सोमवार को हो गई। 8 जनवरी तक चलने वाले सत्र के पहले ही दिन LG वीके सक्सेना के भाषण के दौरान AAP विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसपर AAP के चार विधायकों को सदन से बाहर कर दिया गया।
Delhi Assembly Winter Session: राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को चार दिवसयी विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत काफी हंगामेदार रही। शोर-शराबे के बीच सत्र के पहले ही दिन आम आदमी पार्टी के चार विधायक विधानसभा से बाहर कर दिए गए। इससे पहले आम आदमी पार्टी के विधायक दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी के नेतृत्व में मास्क लगाकर विधानसभा पहुंचे थे, जहां उन्होंने प्रदूषण को बड़ा मुद्दा बनाते हुए रेखा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद जब विधानसभा में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना का भाषण शुरू हुआ तो AAP विधायकों ने फिर शोर-शराबा शुरू कर दिया। इससे गुस्साए विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी के चार विधायकों को सदन से बाहर कर दिया। इसके साथ ही इन चारों विधायकों को निलंबित कर दिया गया। यानी अब ये विधायक अगले तीन दिनों यानी छह, सात और आठ जनवरी तक चलने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शामिल नहीं होंगे।
दिल्ली में पिछले साल फरवरी में भाजपा ने 27 साल बाद सत्ता में वापसी करते हुए सरकार बनाई थी। इसके बाद से ही आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच के टकराव की स्थितियां बनती रहीं। पिछली बार भी विधानसभा सत्र में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने रेखा सरकार पर हमला बोलते हुए काफी हंगामा काटा था। उस दौरान आम आदमी पार्टी के कई विधायक सदन से बाहर किए गए थे। इस बार जब रेखा सरकार ने विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुलाया तो पहले दिन यानी सोमवार को आम आदमी पार्टी के विधायक मास्क लगाकर विधानसभा पहुंचे, जहां दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी के नेतृत्व में उन्होंने रेखा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दिल्ली विधानसभा के बाहर पूर्व सीएम आतिशी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के विधायकों ने प्रदूषण को लेकर रेखा सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान AAP विधायकों ने कहा कि इस बार दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रदूषण बड़ा मुद्दा रहेगा। भाजपा ने सत्ता में आने से पहले जनता से वादा किया था कि नवंबर-दिसंबर में दिल्ली प्रदूषण से मुक्त होगी और आसमान साफ दिखेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके उलट इस बार दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रदूषण देखने को मिला। इसमें भी रेखा सरकार ने एक्यूआई के आंकड़ों में फर्जीवाड़ा किया है।
दूसरी ओर सीएम रेखा गुप्ता ने सत्र शुरू होने से पहले कहा कि सरकार और विपक्ष को अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। ताकि दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र सार्थक साबित हो। विधायकों को टकराव की जगह अपने-अपने क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों को उठाना चाहिए। इस बीच रेखा सरकार में कैबिनेट मंत्र मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह नए साल का पहला विधानसभा सत्र है। उन्होंने कहा "यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि पिछले 11 महीनों में रेखा गुप्ता की सरकार ने कई ऐसे ऐतिहासिक काम किए हैं, जो आम आदमी पार्टी की सरकार पिछले 11 सालों में नहीं कर पाई।"
सोमवार को दिल्ली विधानसभा शीतकालीन सत्र के पहले दिन की शुरुआत एलजी वीके सक्सेना के भाषण से की गई। इस दौरान सदन के अंदर आम आदमी पार्टी के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इससे भड़के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी के चार विधायकों को सदन से बाहर कर दिया। दरअसल, सत्र शुरू होने से एक दिन पहले सीएम रेखा गुप्ता ने सत्ता पक्ष और विपक्ष से सहयोगात्मक रुख और सार्थक चर्चा का आह्वान किया था, लेकिन सोमवार को सत्र शुरू होते ही AAP विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। यह सब विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता देख रहे थे। उन्होंने पहले तो AAP विधायकों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन जब बात नहीं बनीं तो AAP विधायक संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह को सदन से बाहर करने के लिए मार्शलों को आदेश दिया। इसके बाद दिल्ली के पीडब्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने निंदा प्रस्ताव रखा और इन चारों विधायकों को अगले तीन दिनों की सदन कार्यवाही से निलंबित करने की मांग की। इसपर विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने AAP के चारों विधायकों को शीतकालीन सत्र से आठ जनवरी तक निलंबित कर दिया।
दिल्ली में सोमवार से शुरू चार दिवसीय विधानसभा शीतकालीन सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहने के आसार हैं, क्योंकि सोमवार को दिल्ली सरकार की ओर से CAG की तीन रिपोर्ट पेश की जानी हैं। जबकि AAP नेता प्रदूषण को मुद्दा बना रहे हैं। ऐसे में पहले दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। हालांकि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या काफी पुरानी है। सोमवार को जहां रेखा सरकार प्रदूषण के मुख्य कारणों पर चर्चा करने वाली है, वहीं सीएजी की तीन रिपोर्ट भी पेश करेगी। यह रिपोर्ट आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के सीएम रहते हुए उनके आलीशन बंगले के नवीनीकण, दिल्ली जल बोर्ड और AAP सरकार में दिल्ली सरकार द्वारा संचालित विश्विद्यालयों पर आधारित हैं।