नई दिल्ली

‘शिक्षा मंत्री बदला, लेकिन सोच नहीं बदली’, अभिजीत दीपके का बड़ा दावा; बोले- छात्रों को क्या संदेश देना चाहती है बीजेपी सरकार?

Latest Education Minister News: 36 दिनों के छात्र आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्रालय में हुए बदलाव पर सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल चेहरा बदला है, व्यवस्था नहीं।
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Abhijeet Deepke
नए शिक्षा मंत्री पर अभिजीत दीपके का हमला, बोले- सिर्फ चेहरा बदला, व्यवस्था नहीं। (फोटो सोर्स- ANI)

Abhijeet Deepke Statement: 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव किया, लेकिन इस फैसले से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि सरकार ने केवल मंत्री का चेहरा बदला है, व्यवस्था नहीं। इसी वजह से उन्होंने नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

आज तक के एक इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने दावा किया कि नए शिक्षा मंत्री ऐसे व्यक्ति हैं जिनका नाम पहले भी बिलकिस बानो मामले के दोषियों के स्वागत से जुड़े विवाद में सामने आ चुका है। दीपके ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को देश का शिक्षा मंत्री बनाए जाने से छात्रों और युवाओं के बीच गलत संदेश जाएगा। उनके मुताबिक, शिक्षा मंत्रालय जैसे अहम विभाग की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को नहीं दी जानी चाहिए, जिनकी छवि को लेकर पहले से विवाद रहे हों।

दूसरे विवादित चेहरे को बैठा दिया

दीपके ने कहा कि अगर किसी काम की कानूनी अनुमति हो, तब भी समाज और नैतिकता के पैमाने अलग होते हैं। उनका आरोप है कि सरकार ने एक विवादित चेहरे की जगह दूसरे विवादित चेहरे को बैठा दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि शिक्षा मंत्रालय में हुए बदलाव से छात्रों की मूल समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के दबाव के कारण अब शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। दीपके का कहना है कि देश का युवा अब धार्मिक और राजनीतिक बहसों से आगे बढ़कर अपने भविष्य से जुड़े सवाल पूछ रहा है।

मुकदमे वापस नहीं हुए तो दोबारा होगा आंदोलन

छात्र आंदोलन को लेकर भी उन्होंने सरकार को चेतावनी दी। दीपके ने कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और पुलिस कार्रवाई पर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को कमजोर करने के लिए असामाजिक तत्वों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही जंतर-मंतर के पास मिले पत्थरों से भरे ट्रकों का मुद्दा उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

सोनम वांगचुक के मुद्दे पर भी दीपके ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। इसके अलावा उन्होंने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों को मुआवजा देने जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि केवल मंत्री बदलने से शिक्षा व्यवस्था में भरोसा वापस नहीं आएगा। उनके मुताबिक, छात्रों को अब सिर्फ आश्वासन नहीं बल्कि ठोस फैसलों का इंतजार है।

Updated on:
31 Jul 2026 04:06 pm
Published on:
31 Jul 2026 04:06 pm