नई दिल्ली

रातभर इंजेक्शन पर रहे अभिजीत दिपके, बोले- अभी भी कमजोरी है, लेकिन लड़ाई जारी रहेगी

Abhijit Dipke CJP Jantar Mantar protest: तेज बुखार और रातभर अस्पताल में ड्रिप-इंजेक्शन के बावजूद अभिजीत दीपके वापस जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने कहा कि शरीर से कमजोर महसूस कर रहे हैं, लेकिन जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, आंदोलन जारी रहेगा।
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Abhijit Dipke CJP Jantar Mantar protest
रातभर इंजेक्शन पर रहे अभिजीत दिपके, फोटो सोर्स- एक्स ( @samrat_verma72 )

Abhijit Dipke health update NEET protest: नीट (NEET) परीक्षा में गड़बड़ी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर डटे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ने के बाद भी उनके हौसले डिगे नहीं हैं। तेज बुखार और शरीर में असहनीय दर्द के बीच रातभर अस्पताल और डॉक्टरों की देखरेख में ड्रिप-इंजेक्शन लगवाने के बाद वह शुक्रवार सुबह एक बार फिर आंदोलन स्थल पर लौट आए। दिपके ने दो टूक कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, उनका शांतिपूर्ण सत्याग्रह जारी रहेगा।

'चार्ज हो रहा हूं'… सोशल मीडिया पर शेयर की कैनुला लगी फोटो

बीते कुछ दिनों से अभिजीत दिपके का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। उल्टी-दस्त के बाद उन्हें तेज बुखार और बदन दर्द की शिकायत थी। दर्द निवारक गोलियों (Painkillers) के सहारे आंदोलन चला रहे दीपके को गुरुवार को मजबूरी में कुछ घंटों के लिए धरना स्थल से हटना पड़ा था। देर रात उन्होंने सोशल मीडिया पर हाथ में कैनुला (Canula) लगी एक तस्वीर साझा की, जिसके कैप्श में लिखा- 'चार्ज हो रहा हूं।' सूत्रों के मुताबिक, रातभर डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें आईवी फ्लुइड्स और इंजेक्शन दिए गए ताकि शरीर में जरूरी ताकत जुटाई जा सके।

'शरीर कमजोर है, पर हौसला नहीं'

शुक्रवार सुबह जंतर-मंतर वापस पहुंचते हुए अभिजीत दीपके ने समर्थकों और छात्रों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि 'पूरी रात नसों के जरिए दवाइयां (IV Injections) लेने और ब्लड टेस्ट कराने के बाद मैं वापस जंतर-मंतर आ गया हूं। बुखार के कारण शारीरिक तौर पर अब भी बहुत कमजोरी महसूस हो रही है, लेकिन हमारे हक की यह लड़ाई रुकनी नहीं चाहिए। जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते, हमारा प्रदर्शन इसी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहेगा।'

वांगचुक का अनशन खत्म होने के बाद सीजेपी के सामने नई चुनौती

हाल ही में प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने सरकार द्वारा तीन प्रमुख मांगें माने जाने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। वांगचुक के भूख हड़ताल पर बैठने के बाद जंतर-मंतर पर युवाओं और छात्रों का भारी हुजूम जुटा था, जिससे आंदोलन को नई दिशा मिली थी।

अब सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त होने के बाद, सीजेपी और अभिजीत दिपके के सामने जंतर-मंतर पर उस जनसमर्थन और भीड़ को बनाए रखने की बड़ी चुनौती है। गौरतलब है कि सीजेपी ने बेहद कम समर्थकों के साथ यह आंदोलन शुरू किया था, लेकिन सोशल मीडिया पर महज चार दिनों के भीतर ही इस पार्टी ने प्रमुख राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ते हुए बड़ी संख्या में युवाओं को अपने साथ जोड़ लिया था। अब देखने वाली बात होगी कि दीपके अपनी खराब सेहत के बावजूद इस आंदोलन में किस तरह नई जान फूंक पाते हैं।

Updated on:
24 Jul 2026 03:20 pm
Published on:
24 Jul 2026 03:17 pm