
एयरलाइन ने अपने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा है कि विमान की सुरक्षा के लिए सिर्फ सरकारी नियमों का पालन करना ही काफी नहीं है। यात्रियों की सुरक्षा और भरोसे को देखते हुए एयरलाइन अपने स्तर पर भी जरूरी कदम उठाएगी।
यह फैसला Phuket से दिल्ली आने वाली Air India की फ्लाइट AI2379 में हुई घटना के बाद लिया गया है। पिछले हफ्ते उड़ान के दौरान विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे चला गया था। अचानक हुई इस घटना से विमान में बैठे यात्रियों के बीच घबराहट फैल गई।
इस घटना में चार क्रू सदस्यों समेत कुल 24 लोग घायल हुए थे। शुरुआत में एयरलाइन ने बताया था कि विमान के अचानक नीचे जाने की वजह turbulence यानी हवा में आई तेज हलचल थी। लेकिन बाद में मामले में एक और अहम बात सामने आई। फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड यानी मुख्य पायलट का ड्रग टेस्ट कराया गया। इसके बाद दोबारा किए गए जांच टेस्ट में उसके शरीर में marijuana के इस्तेमाल की पुष्टि हुई।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद पायलटों के नशीले पदार्थों के इस्तेमाल और विमान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे। इसी के बाद Air India ने सभी पायलटों की जांच कराने का फैसला किया है।
Air India के मुताबिक, उसके ग्रुप के सभी पायलटों की जांच की जाएगी। इसमें ऐसे नशीले पदार्थों और दवाओं की जांच होगी, जिनका इस्तेमाल मौजूदा विमानन नियमों के तहत प्रतिबंधित है।
यह जांच सिर्फ किसी एक जगह पर नहीं होगी। गुरुग्राम स्थित Air India Academy में ट्रेनिंग के दौरान पायलटों की स्क्रीनिंग की जा सकती है। इसके अलावा उड़ान के बाद Flight Briefing Centres, Air India Offices या संबंधित बेस पर भी यह जांच की जाएगी।
एयरलाइन का कहना है कि इस कदम का मकसद विमान में सफर करने वाले यात्रियों को सुरक्षित माहौल देना और उनका भरोसा बनाए रखना है। Phuket-दिल्ली फ्लाइट की घटना के बाद Air India का यह फैसला पायलटों की जांच और विमान की सुरक्षा को लेकर उसकी सख्ती दिखाता है।