
Amit Shah Tripura Meeting: त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में 28 सितंबर को होने वाले विलेज कमेटी चुनाव से पहले शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में अहम बैठक हुई। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बैठक को फायदेमंद और रचनात्मक बताया। बैठक में भाजपा के पूर्वोत्तर समन्वयक और पुरी से लोकसभा सांसद संबित पात्रा तथा टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के प्रमुख प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा भी मौजूद रहे।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सामाजिक माध्यम पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि बैठक में टिपरा मोथा पार्टी के संस्थापक प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा और भाजपा के पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा भी मौजूद रहे। साहा ने बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि आपसी महत्व के मुद्दों और त्रिपुरा के लोगों के विकास और कल्याण को लेकर फायदेमंद और रचनात्मक चर्चा हुई।
इससे पहले त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) क्षेत्र में होने वाले विलेज कमेटी चुनाव को लेकर भाजपा नेताओं और उसकी सहयोगी टीएमपी के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी थी, लेकिन किसी समझौते पर सहमति नहीं बन पाई थी। टीएमपी प्रमुख प्रद्योत देबबर्मा ने बुधवार 2 सितंबर को जारी एक वीडियो संदेश में साफ कहा था कि अगर त्रिपक्षीय समझौते की शर्तों को लागू नहीं किया गया तो उनकी पार्टी चुनावी गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने खास तौर पर मूल आदिवासियों के जमीन के अधिकारों से जुड़ी शर्तों को लागू करने की मांग की थी।
लंबी बातचीत के बाद तत्कालीन विपक्षी टीएमपी ने 2 मार्च, 2024 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री माणिक साहा की मौजूदगी में केंद्र और त्रिपुरा सरकार के साथ त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद 13 विधायकों वाली टीएमपी 7 मार्च, 2024 को भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल हो गई थी। विलेज कमेटी चुनाव की तैयारियों और रणनीति को लेकर भाजपा के पांच केंद्रीय नेता इस सप्ताह की शुरुआत में अगरतला पहुंचे थे। इनमें राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, पूर्वोत्तर समन्वयक संबित पात्रा, पूर्वोत्तर सह-समन्वयक राजीव बब्बर, केंद्रीय पर्यवेक्षक राजदीप रॉय और जीआर रवींद्र राजू शामिल थे। इन नेताओं ने 1 और 2 सितंबर को राज्य के नेताओं के साथ दो दिन तक कई बैठकें कीं।
इन बैठकों में मुख्यमंत्री माणिक साहा, राज्य भाजपा अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय, पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब, पूर्व राज्य अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य राजीव भट्टाचार्य, वरिष्ठ मंत्री रतन लाल नाथ समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। गैर-टीटीएएडीसी क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के बराबर मानी जाने वाली 587 विलेज कमेटियों के तहत 2,634 निर्वाचन क्षेत्रों की 4,597 सीटों के लिए चुनाव 28 सितंबर को होंगे। इन चुनावों का आयोजन 10 साल के अंतराल के बाद किया जा रहा है।