Sanjeev Arora ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा के लुधियाना स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। अरविंद केजरीवाल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए केंद्र पर निशाना साधा।
Arvind Kejriwal: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई लुधियाना समेत कई अन्य स्थानों पर चल रही है। इस मामले को लेकर अब दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए देश के प्रधानमंत्री से सवाल करते हुए लिखा है कि बताएं आम आदमी पार्टी के नेताओं से कितना काला धन बरामद किया गया है। वहीं, इस रेड को लेकर लेकर अधिकारियों का कहना है कि यह छापेमारी एक चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें औद्योगिक भूमि के कथित दुरुपयोग के आरोप शामिल हैं।
आपको बता दें कि इस छापेमारी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों को निशाने पर लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि पिछले तीन दिनों में 'आप' के दूसरे बड़े नेता पर यह रेड हुई है। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या अब तक हुई अनगिनत छापेमारी में किसी भी 'आप' नेता के पास से कोई काला धन बरामद हुआ है?
दिल्ली सरकार में मंत्री और वरिष्ठ 'आप' नेता सौरभ भारद्वाज ने भी इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने 'X' पर लिखा, 'ED ने अब पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के यहां छापेमारी की है। यह एक स्पष्ट पैटर्न है। इसी तरह बीजेपी किसी भी राज्य के चुनाव की तैयारी शुरू करती है।'
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब महज दो दिन पहले ही ED ने पंजाब से 'आप' के राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल के जालंधर स्थित आवास और उनसे जुड़े शैक्षणिक संस्थानों पर छापेमारी की थी। मित्तल को हाल ही में राज्यसभा में पार्टी का उप-नेता नियुक्त किया गया था। पंजाब में लगातार हो रही इस कार्रवाई ने राज्य में सियासी माहौल गरमा दिया है।
मंत्री संजीव अरोड़ा पर आरोप है कि उनसे और अन्य लोगों से जुड़ी कंपनियों ने औद्योगिक परियोजनाओं के लिए आवंटित जमीन का आवासीय उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग किया। ED का दावा है कि इस हेरफेर से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और बड़े पैमाने पर 'क्राइम प्रोसीड्स' (अपराध की कमाई) पैदा की गई। गौरतलब है कि अरोड़ा को साल 2024 में भी इसी तरह की जांच का सामना करना पड़ा था।