Arvind Kejriwal: दिल्ली शराब नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत AAP के 23 नेताओं को बरी किए जाने के बाद सियासत गरमा गई है। क्लीन चिट मिलने पर केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर आरोप लगाए और दिल्ली में दोबारा चुनाव की चुनौती दी।
Arvind Kejriwal:दिल्ली शराब नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत AAP के 23 नेताओं को बरी कर दिया। कोर्ट का फैसला आने के बाद से प्रदेश में सियासत का पारा बढ़ गया है। वहीं, इस मामले में क्लीन चिट मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और जमकर भाजपा पर बदनाम करने का ठीकड़ा फोड़ा। इसके साथ ही चैंलेंज करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा एक बार और दिल्ली में चुनाव करा ले, अगर 10 सीट भी जीत जाती है तो मैं राजनीति करना छोड़ दूंगा।
प्रेसवार्ता के दौरान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस पूरे मामले में उनका परिवार भी पीड़ित रहा है और मनीष सिसोदिया की पत्नी गंभीर बीमारी मल्टीपल स्क्लेरोसिस से जूझ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कथित साजिश का खामियाजा दिल्ली की करीब तीन करोड़ जनता को भुगतना पड़ा और राजधानी की व्यवस्था को बर्बाद कर दिया गया। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चुनौती भरे लहजे में कहा कि दिल्ली में दोबारा चुनाव करा लिए जाएं। अगर भाजपा दस सीटें भी जीत लेती है तो वह राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने आगे कहा कि आज उनके मन से एक बड़ा बोझ उतर गया है। एक समय आम आदमी पार्टी के पांच शीर्ष नेताओं को जेल में डाल दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद भी पार्टी को तोड़ा नहीं जा सका।
प्रेसवार्ता के दौरान केजरीवाल ने सबसे पहले फैसला सुनाने वाला जज का धन्यवाद किया। इसके साथ ही केजरीवाल ने उन वकिलों का भी आभार जताया जिन्होंने केस लड़ने में मदद की । केजरीवाल ने इस दौरान कहा कि उन्हें चार सालों के बदनाम किया जा रहा था और उनके ऊपर अत्याचार किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों से ईडी और सीबीआई के जरिए आम आदमी पार्टी पर शराब घोटाले के आरोप लगाए जाते रहे, लेकिन अदालत के सामने आज यह तय होना था कि मुकदमा चलाने लायक कोई ठोस आधार है भी या नहीं। कोर्ट ने साफ कहा कि मामले में ऐसा कोई प्रमाण मौजूद नहीं है, न ही कोई विश्वसनीय गवाह है, जिसके आधार पर सुनवाई आगे बढ़ाई जा सके। इसे एक निराधार और झूठा मामला बताते हुए राहत दी गई।
बयान में यह भी कहा गया कि यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था, जिसे प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में रचा गया, और इसके लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। वक्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी को खत्म करने की मंशा से यह पूरा षड्यंत्र रचा गया, जबकि उन्होंने अपने जीवन में सिर्फ ईमानदारी की कमाई की है। अदालत के आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद थे।