
Ayodhya Land Scam:अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े जमीन विवाद को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि उनके पास जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े 26 दस्तावेज हैं, जिन पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के हस्ताक्षर हैं। ऐसे में उनका सवाल है कि इन दस्तावेजों के बावजूद दोनों को क्लीन चिट किस आधार पर दी जा रही है?
संजय सिंह का कहना है कि उनके पास अयोध्या में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े 26 दस्तावेज मौजूद हैं। उनके मुताबिक, इन कागजात पर चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए देश-दुनिया के श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में दान दिया है। ऐसे में मंदिर से जुड़े जमीन सौदों में पारदर्शिता और हर लेन-देन की पूरी जांच जरूरी है। संजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब दस्तावेजों पर जिम्मेदार लोगों के हस्ताक्षर मौजूद हैं, तो SIT उन्हें क्लीन चिट कैसे दे सकती है?
संजय सिंह ने इस मामले की जांच कर रहे SIT प्रमुख किरण एस. को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा है। उन्होंने 20 से 23 अगस्त के बीच मिलने का समय देने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि वह खुद जांच टीम के सामने 26 दस्तावेज पेश करना चाहते हैं।
संजय सिंह के मुताबिक, इससे पहले वह जांच टीम को 13 दस्तावेज सौंप चुके हैं। अब उनके पास 13 और दस्तावेज आए हैं। इस तरह उनके पास कुल 26 कागजात हैं, जिन्हें वह SIT के सामने रखना चाहते हैं।
संजय सिंह के इस दावे के बाद अयोध्या जमीन मामले ने एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। अब सवाल यह है कि SIT प्रमुख उन्हें मुलाकात का समय देते हैं या नहीं और उनके बताए 26 दस्तावेज जांच का हिस्सा बनते हैं या नहीं।
अगर SIT इन दस्तावेजों की जांच करती है, तो जमीन सौदों को लेकर सामने आए आरोपों की तस्वीर और साफ हो सकती है। हालांकि, संजय सिंह के दावों पर अंतिम निष्कर्ष दस्तावेजों की जांच और जांच एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर ही निकलेगा।