18 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Ram Mandir Donation Dispute Row: राम दरबार की चोरी का हिसाब होगा, चंपत राय को क्लीन चिट मिलने पर भड़के अवधेश प्रसाद

Ram Mandir donation Case: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही SIT ने अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में चंपत राय को क्लीन चिट मिलने पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि, ‘सरकार बचा ले, लेकिन राम दरबार की चोरी का हिसाब होगा।'
2 min read
Google source verification
SP MP Awadhesh Prasad

सपा सांसद अवधेश प्रसाद (फोटो सोर्स- IANS)

Ram Mandir Donation Dispute Row: उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी फाइनल रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दे दी गई है। एसआईटी की रिपोर्ट में इन दोनों का नाम शामिल नहीं है। चंपत राय को क्लीन चिट मिलने पर अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है।

'यह प्रभु श्रीराम के दरबार की चोरी है'

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'सरकार भले ही किसी को बचा ले लेकिन यह पूरा मामला सीधे तौर पर प्रभु श्रीराम के दरबार में हुई चोरी का है।' उन्होंने कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की गहरी आस्था से जुड़ा हुआ अत्यंत संवेदनशील विषय है और इस घटना से अयोध्या की पावन छवि को आघात पहुंचा है।

सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि उन्होंने लगातार सदन में इस अहम मुद्दे को उठाया था और देश के प्रधानमंत्री से भी एक निष्पक्ष जांच की उम्मीद की थी। धार्मिक ग्रंथों का हवाला देते हुए सांसद ने कहा कि जब जब धर्म की हानि होती है तब कोई न कोई शक्ति जरूर सामने आती है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में जो भी असली जिम्मेदार हैं वे किसी भी हाल में बच नहीं पाएंगे और समय आने पर उन्हें इसकी सजा जरूर मिलेगी।

2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में रखी जाएगी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने SIT की यह फाइनल रिपोर्ट राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंप दी है। अब आगामी 2 सितंबर को प्रस्तावित राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक में इस रिपोर्ट को रखा जाएगा। आपको बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट ने ही उत्तर प्रदेश सरकार से इस चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी से जांच कराने की विशेष मांग की थी। इसके बाद ही राज्य सरकार ने पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।

8 आरोपी जेल में सुप्रीम कोर्ट की भी है नजर

एसआईटी की तरफ से सौंपी गई इस फाइनल जांच रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं है। वहीं इस पूरे मामले में नामजद किए गए 8 आरोपी पहले से ही जेल की सलाखों के पीछे हैं। इस बहुचर्चित चढ़ावा चोरी से जुड़े पूरे प्रकरण पर देश के सर्वोच्च न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट की भी कड़ी निगरानी बनी हुई है। अब सबकी निगाहें 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की अहम बैठक पर टिकी हुई हैं कि उसमें आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

बड़ी खबरें

View All

अयोध्या

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग