नई दिल्ली

बारामती प्लेन हादसा; डोली उठने से ठीक पहले उठी कैप्टन शांभवी की अर्थी, को-पायलट की मौत से परिजनों के टूटे सपने

Baramati Plane Crash: बारामती विमान हादसे में कैप्टन शांभवी पाठक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिन दिनों में घर में शादी और खुशियों की तैयारी थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है।

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महाराष्ट्र के बारामती विमान हादसे में कैप्टन शांभवी की मौत से छाया मातम

Baramati Plane Crash: महाराष्ट्र के बारामती विमान हादसे में कैप्टन शांभवी की मौत से उनका पूरा परिवार गहरे सदमे में है। शांभवी से संबंधित घर में बहुत सारे सपने संजोए गए थे, लेकिन अचानक हुए इस दर्दनाक हादसे ने उन सभी सपनों को चकनाचूर कर दिया। जिन दिनों में घर में खुशियां आने वाली थीं, शहनाइयों की गूंज सुनाई देने वाली थी, वहां अब मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। बता दें कि जिस विमान के क्रैश होने की घटना सामने आई है, उसमें शांभवी फर्स्ट ऑफिसर के रूप में ड्यूटी पर थीं। बारामती में लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें डिप्टी सीएम अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई।

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नए घर को लेकर सपने देख रही थी शांभवी

शांभवी के परिवार ने हाल ही में दिल्ली के सफदरगंज एन्क्लेव में नए घर में शिफ्ट किया था। इस नए घर में गृह प्रवेश से संबंधित बातें चल रही थीं। इसी सिलसिले में रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहता था। घर में हर तरफ उत्साह का माहौल था। लेकिन बारामती विमान हादसे की खबर ने पलभर में उन सभी की खुशियों को पलभर में खत्म कर दिया। घर में खुशियों की जगह अब सन्नाटे ने ले रखी है। इस हादसे ने शांभवी के परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है।

मां देख रही थी शादी के सपने

शांभवी की जिंदगी में एक नए चैप्टर की शुरुआत होने वाली थी। शांभवी के परिजनों के अनुसार, उनकी शादी मार्च में होने वाली थी। परिवार में शादी को लेकर बातें शुरू हो चुकी थी और उनकी मां अपनी बेटी के लिए हर दिन कुछ न कुछ सोच रही थी, कभी उनके कपड़ों को लेकर तो कभी गहनों को लेकर। परिजनों के अनुसार, उनकी मां हर रोज अपनी बेटी को दुल्हन के रूप में देखने की बातें करती थी।

शांत स्वभाव की थी शांभवी

गुरुवार को शांभवी पाठक की अंतिम विदाई हुई, जिसमें शामिल होने वाले सभी लोगों की आंखें नम थीं। पड़ोसियों के अनुसार, शांभवी बहुत शांत स्वभाव की और बहुत सुलझी हुई लड़की थी। वहीं गार्ड ने भी बताया कि वह जब भी उन्हें देखती थी तो नमस्ते करती थी। उन्होंने हमेशा उनसे सम्मानजनक बर्ताव किया था। 25 साल की शांभवी वीएसआर वेंचर्स के लियरजेट-45 विमान में फर्स्ट ऑफिसर थीं। उनका परिवार भी देशसेवा से जुड़ा हुआ है। उनकी मां वायुसेना के बाल भारती स्कूल में टीचर हैं, उनके पिता एयर फोर्स से रिटायर्ड पायलट हैं और उनका छोटा भाई नौसेना में कार्यरत हैं।

हादसे की चल रही जांच

इस हादसे की जांच चल रही है। हादसे के तुरंत बाद एजेंसियां मौके पर पहुंच गई थीं। इस हादसे के पीछे का असली कारण सामने आना अभी बाकी है। गुरुवार को ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। AAIB और DGCA की टीम मिलकर इस हादसे की जांच कर रहे हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गुरुवार को सोशल मीडिया X पर पोस्ट डालते हुए बताया कि पूरी जांच AAIB नियम 2025 के नियम 5 और 11 के तहत शुरू की गई है और सभी स्टैंडर्ड प्रोसीजर को फॉलो करते हुए समय पर पूरी की जाएगी।

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