
Bulldoze Action in Delhi: राष्ट्रीय राजधानी में पिछले दिनों फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अतिक्रमण हटाने के बाद अब शाही जामा मस्जिद का अतिक्रमण हटाने की कवायद शुरू हो चुकी है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर एमसीडी ने अगले एक सप्ताह के अंदर सर्वे की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। यह सर्वे दिल्ली की शाही जामा मस्जिद के आसपास सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध कब्जों के लिए किया जाएगा। एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सर्वे अगले हफ्ते शुरू कर दिया जाएगा।
दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने बीते बुधवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि दो महीने के अंदर शाही जामा मस्जिद के आसपास अतिक्रमण का सर्वे करवाकर रिपोर्ट जमा की जाए। दिल्ली हाईकोर्ट ने यह आदेश उस याचिका की सुनवाई के दौरान दिया था, जिसमें शाही जामा मस्जिद के सार्वजनिक रास्ते पर चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को तत्काल रोकने की मांग की गई थी। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया था कि शाही जामा मस्जिद के आसपास सार्वजनिक पार्कों और सड़कों पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया है, जो अक्सर जाम का कारण बनता है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए एमसीडी को आदेश दिया था कि शाही जामा मस्जिद के पूरे क्षेत्र का सर्वे करवाकर विस्तृत रिपोर्ट दो महीने के अंदर कोर्ट में जमा की जाए। इसके अलावा सरकारी जमीन पर किया गया अतिक्रमण हटाने की रूपरेखा भी बताई जाए। हालांकि याचिकाकर्ता ने कोर्ट में जो फोटोग्रॉफ्स जमा किए थे, उनमें अवैध कब्जे की पुष्टि हो रही थी, लेकिन बिना सत्यापन के कोई भी निष्कर्ष निकालना कोर्ट को सही नहीं लगा। इसलिए कोर्ट ने एमसीडी को तुरंत सर्वे कराने का निर्देश दिया। ताकि अवैध अतिक्रमण पर कानूनी रूप से कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
एक एमसीडी अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि दिल्ली की शाही जामा मस्जिद के आसपास की जमीनों का मालिकाना हक अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसलिए कोर्ट ने विस्तृत सर्वे रिपोर्ट मांगी है। दरअसल, शाही जामा मस्जिद के पास कुछ जमीनें ऐसी हैं, जिन्हें एमसीडी की ओर से व्यवसाय के लिए आवंटित किया गया है। इसलिए सर्वे में मालिकाना हक की जांच की जाएगी। इसके लिए अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा एमसीडी के रिकॉर्ड में अभी तक कोई स्थायी अवैध कब्जा भी दर्ज नहीं है। ऐसे में सर्वे के बाद ही पता चलेगा कि कितनी जमीन पर अतिक्रमण है।
वहीं एक जोनल अधिकारी ने बताया कि दिल्ली की शाही जामा मस्जिद के पास ज्यादातर मामलों में अस्थायी अतिक्रमण होने की बात पता चली है। इनमें ठेला, अस्थायी स्टॉल या फिर लोगों ने झोपड़ियां बना ली हैं। यह कब्जा छोटे-छोटे व्यापार करने वालों का हो सकता है। सर्वे के दौरान इसका पुख्ता पता लगाया जाएगा। इसके बाद हाईकोर्ट से मिले दिशा-निर्देशों के अनुसार विस्तृत रिपोर्ट बनाई जाएगी। यहां आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार को दिल्ली की फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास एमसीडी और पुलिस ने मिलकर अवैध कब्जा हटाया था। इस दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस और एमसीडी टीम पर पथराव भी किया था। इस मामले में अब तक करीब एक दर्जन लोगों पर कार्रवाई की है, जबकि तीन दर्जन से ज्यादा लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।