
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सभी दलीलों को खारिज करते हुए आखिरकार कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को दुबई जाने की इजाजत दे दी है। साथ ही कोर्ट ने अभिषेक के साथ उनकी पत्नी को भी जाने की इजाजत दी। अदालत ने मानवीय आधार पर उन्हें यह अनुमति दी है। मगर साथ में अदालत ने यह भी कहा कि अभिषेक को हवाई जहाज के टिकट की प्रति और पता देना होगा कि वे दुबई में कहां ठहरेंगे। साथ ही अस्पताल का फोन नंबर और निवास स्थान का पता भी देने के लिए कहा है। ऐसा इसलिए ताकि ED उन पर नजर रख सके।
बता दें, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे औरTMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी धन शोधन के एक मामले में आरोपी हैं। ED अभिषेक और उनकी पत्नी रुजिरा बनर्जी को देश छोड़ने की अनुमति देने के लिए तैयार नहीं था। और अभिषेक को चिकित्सा उपचार के लिए विदेश जाना था। ED उन्हें अनुमति देने को तैयार नहीं था, जिसके बाद अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने कहा कि 'जीवन का अधिकार' का अर्थ है 'उचित उपचार पाने का अधिकार'। वह अपनी पसंद के डॉक्टर के पास जा सकते है, इससे उन्हें रोका नहीं जा सकता।
TMC महासचिव को 10 जून तक विदेश में इलाज कराने की अनुमति दी गई है। कोर्ट ने कहा कि ED द्वारा उन्हें तब तक, कोई नोटिस नहीं दिया जाएगा। अभिषेक को अपने नेत्र रोग के इलाज के लिए दुबई जाना है। दरअसल, केंद्रीय जांच एजेंसी को आशंका है कि अभिषेक बनर्जी दुबई से कहीं और भाग सकते हैं और उनकी पत्नी भी देश छोड़ सकती हैं। यही वजह है कि उनके विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है।
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गुरुवार दोपहर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक चौधरी ने ED को फटकार लगाई। साथ ही कोर्ट ने ED को निर्देश दिया है कि अभिषेक बनर्जी को 3 जून से 10 जून तक नहीं बुला सकती। आपको बता दें TMC के महासचिव अभिषेक बनर्जी 17 अक्टूबर 2016 को दुर्गापुर एक्सप्रेस-वे पर एक कार्यक्रम से लौटते समय दुर्घटना का शिकार हो गए थे। हादसे में उनके सिर और बाईं आंख में गंभीर चोट आई थी। इस वजह से आंखों के इलाज के लिए उन्हें कभी-कभार दुबई जाना पड़ता है।
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