कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को पत्र लिखा है, केंद्र ने कहा कि ओमिक्रॉन पहले पाए गए कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से भी ज्यादा संक्रामक है। ऐसे में हमें रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर तैयारी करने की जरूरत है।
नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर दुनियाभर में खौफ है। कुछ ही दिनों में यह वेरिएंट कई देशों में फैल चुका है। वहीं भारत में भी यह वेरिएंट तेजी से बढ़ रहा है। देश में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार भी सतर्क है और राज्यों को भी सावधान रहने की सलाह दे रहा है। केंद्र सरकार ने ओमिक्रॉन को लेकर राज्य सरकारों को पत्र लिखा है, केंद्र ने कहा कि ओमिक्रॉन पहले पाए गए कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से भी ज्यादा संक्रामक है। ऐसे में हमें रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर तैयारी करने की जरूरत है।
केंद्र सरकार ने राज्यों को लिखा खत
केंद्र सरकार ने पत्र में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि ओमिक्रॉन के अलावा, डेल्टा वेरिएंट अभी भी देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद है। ऐसे में स्थानीय और जिला स्तर पर अधिक दूरदर्शिता, डेटा विश्लेषण, गतिशील निर्णय लेने और सख्त और त्वरित नियंत्रण कार्रवाई की आवश्यकता है।
ओमिक्रॉन को लेकर जिला स्तर पर निर्णय लेने की न हो जरूरत
सरकार ने राज्यों को चेतावनी दी है कि ओमिक्रॉन से स्थिति बिगड़े इससे पहले राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कोरोना को लेकर तुरंत एक्शन लें। केंद्र ने कहा कि अभी हमारे पास समय है कि राज्य स्तर पर तैयारी कर इस वेरिएंट को फैलने से रोका जाए, जिससे जिला स्तर पर निर्णय लेने की नौबत ही न आए।
इसके साथ ही केंद्र ने राज्यों से क्रिसमिस और नए साल को होने वाली पार्टियों पर भी ध्यान देने की बात कही है। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोरोना नियमों का उल्लंघन न हो, इसके साथ ही कोरोना टीकाकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। जिन लोगों ने कोरोना वैक्सीन नहीं ली है, उन्हें कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जाएं।
बता दें कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार इस वेरिएंट को लेकर लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दे रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमिक्रॉन वेरिएंट के सामने आते ही सभी देशों को इससे सावधान रहने की चेतावनी दी थी। WHO का कहना है कि ओमिक्रॉन को हल्का समझना दुनियाभर के लिए एक बड़ी गलती हो सकता है। हो सकता है कि ओमिक्रॉन के चलते अस्पताल भर जाएं और कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या भी बढ़ सकती है।