नई दिल्ली

बाल संत अभिनव अरोड़ा के परिवार पर हमला, दिल्ली के तिलक नगर में देर रात हंगामा, 3 गिरफ्तार

Delhi News: दिल्ली के तिलक नगर में आध्यात्मिक कंटेंट क्रिएटर अभिनव अरोड़ा के पिता की कार और बाइक के बीच टक्कर के बाद हंगामा हो गया। पुलिस ने कार में तोड़फोड़ और शांति भंग करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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Child saint Abhinav Arora's family attacked in Delhi
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Abhinav Arora: पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में रविवार रात एक मामूली सड़क हादसे ने बड़े विवाद का रूप ले लिया। यह घटना मशहूर आध्यात्मिक कंटेंट क्रिएटर, 10 वर्षीय अभिनव अरोड़ा के पिता से जुड़ी है। पुलिस ने इस मामले में शांति भंग करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

मिली जानकारी के अनुसार, घटना 7 अप्रैल की रात करीब 10 बजे तिलक नगर के मुख्य बाजार में एक रेस्टोरेंट के पास हुई। अभिनव अरोड़ा के पिता अपनी कार से जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी की एक मोटरसाइकिल से हल्की टक्कर हो गई। गनीमत यह रही कि घटना के समय अभिनव अरोड़ा कार में मौजूद नहीं थे।

बहस से बढ़ा मामला, कार में की तोड़फोड़

मोटरसाइकिल के पास मौजूद लोगों ने कार चालक के ड्राइविंग तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि वह तेज और लापरवाही से गाड़ी चला रहा था, जिससे वहां मौजूद लोगों की जान को खतरा हो सकता था और किसी को गंभीर चोट भी लग सकती थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में तीखी बहस और नोकझोंक में बदल गई। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि आसपास मौजूद लोग भी घबरा गए। पुलिस के अनुसार, गुस्साए समूह के कुछ सदस्यों ने अपने हाथों में पहने ‘कड़े’ (धातु के ब्रेसलेट) का इस्तेमाल करते हुए कार के बोनट और खिड़कियों पर कई बार वार किए। इस दौरान वाहन को मामूली नुकसान पहुंचा, हालांकि घटना ने इलाके में अफरा-तफरी का माहौल जरूर पैदा कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

विवाद बढ़ता देख अभिनव के पिता ने पीसीआर (PCR) कॉल कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुख्य हमलावरों के रूप में पहचान किए गए तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया और शांति भंग होने से रोकने के लिए निवारक धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया।

दो दिन की न्यायिक हिरासत

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस पूरी घटना में किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि आगे की कार्रवाई शामिल पक्षों के बयानों के आधार पर की जाएगी।

Updated on:
10 Apr 2026 11:10 am
Published on:
10 Apr 2026 11:07 am