Rekha Gupta : दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गड्ढे में गिरकर हुई मौत के बाद मामला सुर्खियों में है। हादसे को लेकर प्रशासन और सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बयान देकर घटना की जिम्मेदारी खुद लेते हुए कहा कि उनकी सरकार बहाने नहीं बनाती और जवाबदेही तय करेगी।
Rekha Gupta : देश की राजधानी में जनकपुरी इलाके में गड्ढा में गिरकर हुई मौत का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इस हादसे के बाद कभी प्रशासन तो कभी सरकार पर सवाल खड़े किए जा रहे थे। इसी बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐसा बयान दिया है, जो अक्सर सत्ता में बैठे नेताओं से उम्मीद नहीं की जाती है। दरअसल, उन्होंने इस हादसे की खुद जिम्मेदारी ली है और कहा कि हम पिछली सरकारों की तरह बहाना नहीं बनाते हैं।
आपको बता दें कि जनकपुरी में सीवर लाइन के लिए खोदे गए एक खुले गड्ढे में गिरकर 25 साल के एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई। देखते ही देखते यह नेशनल लेवल की खबर बन गई। इसी बीच HT में दिए गए इंटरव्यू में सीएम रेखा गुप्ता ने सरकार की कमी मानते हुए इस घटना की जिम्मेदारी ली है। साक्षात्कार में इस घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा खोदा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पिछली सरकारों की तरह जिम्मेदारी से बचने की कोशिश नहीं करती। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और विभाग की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा।
इस दौरान रेखा गुप्ता पिछली यानी की केजरीवाल सरकार पर हमलावर होते हुए दिखीं। उन्होने कहा कि वर्तमान सरकार को कुप्रबंधन और भारी कर्ज की विरासत मिली है। उनका कहना था कि डीटीसी गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही थी और लाडली योजना के करीब 1 लाख 86 हजार लाभार्थियों की राशि लंबित पड़ी थी। अब इस बकाया राशि को नई ‘लखपति बिटिया’ योजना में समाहित कर दिया गया है, ताकि लाभार्थियों को समय पर लाभ मिल सके।
जनकपुरी इलाके में यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार तड़के हुआ था, जब एक 25 वर्षीय युवक बाइक से गुजर रहा था। अंधेरे और उचित चेतावनी संकेतों के अभाव में वह सड़क पर खुले पड़े दिल्ली जल बोर्ड के गहरे गड्ढे को नहीं देख पाया और सीधे उसमें जा गिरा। गड्ढा सीवर कार्य के लिए खोदा गया था, लेकिन उसे न तो ढका गया था और न ही आसपास कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। गड्ढे में गिरने के बाद युवक मिट्टी और मलबे में दब गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में प्रशासन की लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी देखी गई।