Delhi Metro Harassment Case: दिल्ली मेट्रो में महिला से छेड़छाड़ के मामले में अदालत ने आरोपी की सजा को बरकरार रखते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ अश्लील हरकतें गंभीर अपराध हैं और ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है।
Delhi Metro Harassment Case:दिल्ली मेट्रो में महिला से छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी की सजा को अदालत ने बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह का व्यवहार गंभीर अपराध है और इससे महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। मामले में आरोपी पर आरोप था कि उसने मेट्रो में महिला के बगल में बैठकर अश्लील हरकतें कीं और उसके कंधे पर हाथ फेरकर उत्पीड़न किया। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए सजा में किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।
आपको बता दें कि इस मामले में साकेत जिला कोर्ट ने महिला के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी की सजा को बरकरार रखा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश Hargurvinder Singh Jaggi की अदालत ने आरोपी मोहम्मद ताहिर की अपील खारिज कर दी, जिसमें उसने सजा को चुनौती दी थी। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। आरोपी को पुराने आईपीसी की धारा 354 और 354A के तहत दोषी ठहराया गया था और निचली अदालत द्वारा दिए गए सजा के आदेश को भी बरकरार रखा गया है।
यह घटना 27 मार्च 2021 की शाम की बताई जाती है, जब दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की येलो लाइन पर चल रही मेट्रो ट्रेन में साकेत और हौज खास स्टेशनों के बीच यह शर्मनाक हरकत हुई थी। आरोप है कि मोहम्मद ताहिर नामक व्यक्ति महिला के पास खड़ा होकर अश्लील हरकतें करने लगा और कथित तौर पर वहीं मास्टरबेट करने लगा। जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके कंधे पर हाथ फेरकर उसे और परेशान करने की कोशिश की। इस घटना से घबराकर महिला ने तुरंत शोर मचा दिया, जिसके बाद डिब्बे में मौजूद अन्य यात्रियों ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की और उसे ट्रेन से नीचे उतार दिया। बाद में मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।