कोरोना वायरस से ठीक होने वाले मरीजों की बढ़ती परेशानी। महीनों बाद तक नजर आ रहे हैं पोस्ट-कोविड सिम्पटम्स। दुनिया भर के चिकित्सकों ने बताई इस संबंध में शोध की जरूरत।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद दुनिया भर में लाखों लोग महीनों बाद पोस्ट-कोविड-19 सिंपटम्स (संक्रमण के बाद के लक्षणों) से परेशान हो रहे हैं। यहां तक कि हल्के या बिना लक्षणों वाले लोगों को ठीक होने के बाद भी ब्रेन फॉग, लगातार थकावट और फेफड़े, हृदय या गुर्दे के नुकसान की परेशानी से जूझना पड़ रहा है।
बहुत लंबे समय तक नजर आने वाली यह दिक्कतें मरीजों के लिए काफी परेशानी भरी साबित हो रही हैं। चिकित्सकों और शोधकर्ताओं ने इस संबंध में तत्काल प्रभाव से विशेष अध्ययन कराए जाने की वकालत की है।
स्क्रिप्स रिसर्च ट्रांसलेशनल इंस्टीट्यूट के संस्थापक और निदेशक कार्डियोलॉजिस्ट एरिक टोपोल कहते हैं, "मैं इस बात से बहुत निराश हूं कि इस ओर कितना कम ध्यान दिया गया है। हमारे पास COVID-19 संक्रमण वाले कम से कम 10 फीसदी लोग हैं जो अभी भी कुछ महीनों से या छह महीने से पीड़ित हैं। यह उन लोगों की सबसे बड़ी श्रेणी है जो प्रतिकूल रूप से प्रभावित हैं और इनमें से कई पूर्व में जिस तरह सामान्य ढंग से काम करते थे, अब नहीं कर सकते हैं।
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